भिलाई। आईआईटी भिलाई इनोवेशन एंड टेक्नोलॉजी फाउंडेशन (IBITF) ने 30 जनवरी को आईआईटी भिलाई परिसर में GENESIS इनोवेशन सेंसिटाइजेशन प्रोग्राम का सफल आयोजन किया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य विशेष रूप से टियर-II और टियर-III क्षेत्रों के प्रारंभिक एवं विकासशील स्टार्टअप्स को सशक्त बनाना था।
यह कार्यक्रम भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) की GENESIS (Gen-Next Support for Innovative Startups) योजना के अंतर्गत आयोजित किया गया, जिसका कुल परिव्यय पाँच वर्षों में ₹490 करोड़ है। इस योजना का उद्देश्य देशभर में नवोन्मेषी स्टार्टअप्स की पहचान, समर्थन और तीव्र विकास को प्रोत्साहित करना है।
कार्यक्रम का उद्घाटन प्रो. राजीव प्रकाश, निदेशक, आईआईटी भिलाई एवं चेयरमैन, आईआईटी भिलाई इनोवेशन एंड टेक्नोलॉजी फाउंडेशन (IBITF) द्वारा किया गया। अपने उद्घाटन संबोधन में प्रो. प्रकाश ने नवाचार आधारित उद्यमिता को राष्ट्र निर्माण का महत्वपूर्ण आधार बताया तथा स्टार्टअप्स को सशक्त बनाने में संस्थागत सहयोग की भूमिका पर बल दिया। उन्होंने युवा नवप्रवर्तकों को GENESIS जैसी सरकारी योजनाओं का लाभ उठाकर अपने तकनीकी विचारों को प्रभावी व्यावसायिक समाधानों में परिवर्तित करने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम के अंतर्गत स्टार्टअप्स को अपने नवाचारी विचारों को विशेषज्ञ जूरी पैनल के समक्ष प्रस्तुत करने का अवसर मिला, जहाँ उन्हें तकनीकी तैयारी, बाज़ार सत्यापन, कानूनी अनुपालन और विस्तार क्षमता पर महत्वपूर्ण मार्गदर्शन प्राप्त हुआ। स्टार्टअप पिच सत्रों का मूल्यांकन डॉ. राजेश मुंडोटिया, सहायक प्रोफेसर, कंप्यूटर विज्ञान एवं अभियांत्रिकी विभाग, आईआईटी भिलाई, एसके सिंह, मुख्य महाप्रबंधक, वाणिज्य एवं उद्योग विभाग, छत्तीसगढ़ शासन, मनीष गुप्ता, प्रबंध निदेशक, बीएसबीके एवं निदेशक मंडल सदस्य, IBITF, शुभाष पांडेय, विधिक सलाहकार, IBITF, विष्णु वैभव द्विवेदी, सीटीओ, IBITF, अविजित महतो, प्रोजेक्ट मैनेजर, यूनिसेफ द्वारा किया गया।
सेंसिटाइजेशन सत्र के दौरान प्रतिभागियों को GENESIS योजना के अंतर्गत उपलब्ध सहायता घटकों की विस्तृत जानकारी दी गई, जिसमें ₹10 लाख तक की प्रारंभिक सहायता, ₹40–50 लाख तक की पायलट एवं प्रूफ-ऑफ-कॉन्सेप्ट सहायता, तथा ₹50 लाख तक की मैचिंग फंडिंग (डीप-टेक स्टार्टअप्स के लिए ₹1 करोड़ तक) शामिल है। इसके अतिरिक्त, कार्यशालाओं, बूटकैंप्स, विशेषज्ञ मेंटरशिप और निवेशक संपर्क जैसे इकोसिस्टम निर्माण कार्यक्रमों की भी जानकारी दी गई। यह कार्यक्रम छत्तीसगढ़ एवं देशभर में स्टार्टअप इकोसिस्टम को सुदृढ़ करने के लिए IBITF की प्रतिबद्धता को पुनः स्थापित करता है तथा उद्योग-शिक्षा सहयोग के माध्यम से नवाचार को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ।
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