*दशरंगपुर क्षेत्र के 175 आंगनबाड़ी केंद्रों में आंगन मिलन सेवा का भव्य आयोजन*
*पोषण, स्वास्थ्य जागरूकता और जनभागीदारी से बच्चों एवं माताओं को मिला लाभ*
कवर्धा, अक्टूबर 2026। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत दशरंगपुर क्षेत्र के 175 आंगनबाड़ी केंद्रों में एक दिवसीय “आंगन मिलन सेवा” कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। सुबह 10 बजे से दोपहर 3 बजे तक आयोजित कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधियों, हितग्राही माताओं, स्वसहायता समूह की महिलाओं, बच्चों एवं अभिभावकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। आंगन मिलन सेवा कार्यक्रम का उद्देश्य जनकल्याणकारी योजनाओं एवं सेवाओं की जानकारी आमजन तक पहुंचाने, पोषण एवं स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने तथा “विकसित भारत-2047” के नागरिक संकल्प से समुदाय को जोड़ना रहा। कार्यक्रम के माध्यम से शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाने के साथ जनभागीदारी को भी प्रोत्साहित किया गया।
कार्यक्रम के दौरान आंगनबाड़ी केंद्रों को आकर्षक ढंग से सजाया गया। केंद्रों में खाद्यान्न, ताजी हरी सब्जियों एवं फलों से तैयार “मेरी पौष्टिक थाली” का प्रदर्शन किया गया। इसके माध्यम से बच्चों एवं महिलाओं के संतुलित पोषण और कुपोषण मुक्त समाज का संदेश दिया गया। स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से आंगनबाड़ी केंद्रों में गर्भवती माताओं, महिलाओं एवं बच्चों की स्वास्थ्य जांच की गई तथा आवश्यकतानुसार टीकाकरण भी किया गया। उपस्थित हितग्राहियों को स्वास्थ्य एवं पोषण संबंधी आवश्यक जानकारी प्रदान की गई।
सामुदायिक सहभागिता से आयोजित हुआ न्योता भोज
बच्चों के लिए जनभागीदारी से “न्योता भोज” का आयोजन किया गया। बच्चों को पौष्टिक भोजन के साथ फल एवं मिठाइयां वितरित की गईं। इस दौरान बच्चों के लिए विभिन्न मनोरंजक खेल एवं सांस्कृतिक गतिविधियां भी आयोजित की गईं, जिसमें बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
मेहंदी, रंगोली और स्वस्थ शिशु प्रतियोगिता ने बढ़ाया उत्साह
कार्यक्रम में महिलाओं एवं युवतियों के लिए मेहंदी एवं रंगोली प्रतियोगिता आयोजित की गई। वहीं “स्वस्थ शिशु प्रतियोगिता” के माध्यम से स्वस्थ एवं सुपोषित बच्चों को प्रोत्साहित किया गया। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले बच्चों एवं उनकी माताओं को सम्मानित किया गया।
पोषण वाटिका के लिए पौधारोपण, घर-घर मुनगा लगाने का संकल्प
कुपोषण के विरुद्ध जनभागीदारी को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आंगनबाड़ी केंद्रों में पोषण वाटिका तैयार करने के लिए फलदार पौधों एवं पौष्टिक सब्जियों का रोपण किया गया। साथ ही परिवारों को घर-घर मुनगा लगाने एवं पौष्टिक आहार को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित किया गया।
खिलौना बैंक के लिए समुदाय से सहयोग की अपील
बच्चों के मानसिक एवं बौद्धिक विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आंगनबाड़ी केंद्रों में “खिलौना बैंक” को समृद्ध करने की पहल की गई। समुदाय के लोगों को बच्चों के उपयोग के खिलौने एवं खेल सामग्री आंगनबाड़ी केंद्रों में दान करने के लिए प्रेरित किया गया।
उत्कृष्ट कार्य करने वाली कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं का सम्मान
कार्यक्रम के दौरान उत्कृष्ट कार्य करने वाली आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं एवं मितानिनों को स्थानीय जनप्रतिनिधियों द्वारा प्रशस्ति पत्र एवं श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर उनके कार्यों की सराहना करते हुए उन्हें इसी तरह समर्पित होकर कार्य करने के लिए प्रोत्साहित किया गया।
हितग्राहियों ने साझा किए अपने अनुभव, नए हितग्राहियों का पंजीयन
कार्यक्रम में महतारी वंदन योजना एवं प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की हितग्राही महिलाओं ने अपने अनुभव साझा किए। महतारी वंदन योजना से प्राप्त राशि का उपयोग बच्चों के स्वास्थ्य एवं पोषण में करने वाली सजग माताओं को “पोषण शक्ति सम्मान” प्रदान किया गया। इसके साथ ही प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के लिए पात्र नवीन हितग्राहियों का मौके पर ही पंजीयन सुनिश्चित किया गया, ताकि पात्र महिलाओं को योजना का लाभ समय पर मिल सके। दशरंगपुर क्षेत्र के सभी 175 आंगनबाड़ी केंद्रों में आयोजित आंगन मिलन सेवा कार्यक्रम में समुदाय की सक्रिय सहभागिता रही। कार्यक्रम के माध्यम से पोषण, स्वास्थ्य, शिक्षा, स्वच्छता एवं शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ शासन, प्रशासन और जनभागीदारी की भावना को मजबूत किया गया।





