नई दिल्ली। क्या आप ऐसी कल्पना कर सकते हैं कि बच्चों के किसी एग्जाम के लिए पेरेंट्स ऑफिस से छुट्टी लें, एग्जाम सेंटर के बाहर घंटों खड़े रहकर इंतजार करें और पूरे देश का ट्रैफिक रोक दिया जाए और लोग कई दिनों तक सिर्फ इसी एग्जाम की चर्चा में लगा रहे? चीन में हर साल गाओकाओ परीक्षा के दिन ऐसा ही नजारा देखने को मिलता है। गाओकाओ एग्जाम कोई मामूली एग्जाम नहीं है। इस एग्जाम से बच्चों के भविष्य के साथ-साथ परिवार की उम्मीदें और सपने भी जुड़े होते हैं। इस एग्जाम के दिन शहर का माहौल पूरी तरह बदल जाता है और चारों ओर सिर्फ गाओकाओ की जिक्र सुनने को मिलता है। आइए जानते हैं इस एग्जाम से जुड़ी कुछ दिलचस्प बातें।
आखिर क्या है यह गाओकाओ परीक्षा?
यह चीन का नेशनल यूनिवर्सिटी एग्जाम है, जो हर साल जून के महीने में आयोजित किया जाता है। इस एग्जाम में हर साल करोड़ों छात्र हिस्सा लेते हैं। इस साल छात्रों की संख्या करीब 1.29 करोड़ थी। इस एग्जाम के मार्क्स ही तय करते हैं कि छात्रों को देश की किस यूनिवर्सिटी में दाखिला मिलेगा। इसलिए बच्चों के साथ-साथ पूरे परिवार के लिए यह बहुत ही अहम दिन होता है। देश की सभी बड़ी और नामी यूनिवर्सिटीज का रास्ता इसी परीक्षा से होकर जाता है।
जिंदगी बदलने वाला मौका
इस एग्जाम को छात्रों के जीवन का सबसे अहम पड़ाव माना जाता है। चीन में अच्छी यूनिवर्सिटी में एडमिशन मिलना यानी बहेतर करियर और भविष्य में बेहतर मौके। छोटे शहरों और साधारण बैकग्राउंड से आने वाले छात्रों के लिए यह खासतौर से काफी जरूरी माना जाता है। यही वजह है कि इस एग्जाम के लिए छात्र सालों कड़ी मेहनत करते तैयारी करते हैं
बदल जाती है पूरे देश की रफ्तार
चीन में गाओकाओ एग्जाम का क्या महत्व है इसका अंदाजा इस बात से लगा सकते हैं कि इस दिन कई शहरों में ट्रैफिक व्यवस्था तक बदल दी जाती है, ताकि छात्र समय से बिना किसी बाधा के सेंटर पहुंच सकें। एग्जाम के दौरान लोगों से शोर न करने की अपील की जाती है, ताकि बिना किसी असुविधा के बच्चे एग्जाम दे सकें।
सूरजमुखी के फूल और गुडलक का कनेक्शन
इस परीक्षा के दौरान चारों तरफ खूब नजर आते हैं। कई परिवार अपने बच्चों को परीक्षा के समय सूरजमुखी के फूल देते हैं। इसे अच्छे रिजल्स, सफलता और बेहतर भविष्य के गुडलक के तौर पर देखा जाता है। परीक्षा खत्म होने के बाद जब छात्र सेंटरों से बाहर निकलते हैं, तो उनके हाथों में सूरजमुखी के गुलदस्ते साफ देखे जा सकते हैं।
एग्जाम सेंटर के बाहर पेरेंट्स का पहरा
गाओकाओ एग्जाम के दौरान एक और खास नजारा देखने को मिलता है। सेंटर के अंदर बच्चे एग्जाम देते हैं और उनके पेरेंट्स बाहर खड़े होकर इंतजार। पेरेंट्स का सेंटर के बाहर यूं खड़ा होना बच्चों का हौसला बढ़ाने और एकता दिखाने का एक तरीका है। माना जाता है कि इससे
लाल रंग के कपड़ों के पीछे की वजह
इस एग्जाम से एक और खास बात जुड़ी है। एग्जाम सेंटर के बाहर आपको पेरेंट्स लाल रंग के कपड़े पहने दिखाई देंगे। चीनी संस्कृति में लाल रंग को खुशी और अच्छी किस्मत का प्रतीक माना जाता है। इसलिए अपने बच्चों के बेहतर रिजल्ट के लिए इस दिन पेरेंट्स लाल कपड़े पहनकर आते हैं।





