गौरेला पेंड्रा मरवाही: गौरेला की दिव्यांग युवती पूजा साहू ने कठिन परिस्थितियों और आर्थिक अभावों के बीच समाजशास्त्र विषय में राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा (NET) उत्तीर्ण कर जिले का नाम रोशन किया है. सिंचाई कॉलोनी सारबहरा स्थित स्मृति वाटिका की झुग्गी झोपड़ी में रहने वाली पूजा साहू, 75 प्रतिशत श्रवण बाधित हैं, लेकिन हौसले में कोई कमी नहीं है.
पूजा की कामयाबी
पूजा साहू ने समाजशास्त्र विषय में एमए की उपाधि प्राप्त की है. एनईटी परीक्षा में सफलता हासिल करने के बाद उन्होंने पीएचडी अध्ययन के लिए सहायता राशि प्रदान किए जाने की मांग को लेकर समाज कल्याण विभाग में आवेदन दिया. आवेदन मिलने के बाद विभाग ने आवश्यक प्रक्रिया शुरू कर दी है.
कमजोर आर्थिक स्थिति के बावजूद हिम्मत नहीं हारी
समाज कल्याण विभाग के प्रभारी सहायक संचालक सुरेश भारती ने पूजा साहू के घर पहुंचकर निरीक्षण किया. जांच में पता चला कि पूजा के पिता का करीब नौ वर्ष पहले निधन हो चुका है, जबकि उनकी माता मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण कर रही हैं. अत्यंत कमजोर आर्थिक स्थिति के बावजूद पूजा ने अपनी पढ़ाई नहीं छोड़ी और निरंतर मेहनत कर यह उपलब्धि हासिल की.
पूजा को मिली आर्थिक मदद
पूजा की योग्यता और पारिवारिक परिस्थितियों को देखते हुए उन्हें सामाजिक संस्था प्रगति सेवा संस्था में सामाजिक कार्यकर्ता के पद पर काम दिया गया है, जहां उन्हें प्रतिमाह 10 हजार रुपये मानदेय मिलेगा.पीएचडी की पढ़ाई के लिए सहायता राशि उपलब्ध कराने के लिए भी उच्च कार्यालय को प्रस्ताव भेजा जा रहा है.
21 मई को पूजा साहू ने मुलाकात की. आवेदन बनाकर 23 मई को घर का निरीक्षण किया. घर की स्थिति बहुत खराब है. लकड़ी को गाड़कर साड़ी की मदद से दीवार बनाई गई है. बोरे से छत बनी है. प्रगति सेवा संस्थान से मुलाकात कराया. अब दस हजार रुपए हर महीने की नौकरी मिली है. पूजा साहू का उद्देश्य है कि वह जिले की सबसे कम उम्र की पीएचडी करने वाली स्टूडेंट बनना चाहती है-सुरेश साहू, प्रभारी, समाज कल्याण विभाग
युवाओं की प्रेरणास्त्रोत बनीं पूजा
पूजा साहू की सफलता यह संदेश देती है कि विपरीत परिस्थितियां कभी भी सफलता की राह में बाधा नहीं बन सकतीं. दृढ़ संकल्प, मेहनत और आत्मविश्वास के बल पर हर लक्ष्य हासिल किया जा सकता है. पूजा साहू की उपलब्धि जीपीएम जिले के युवाओं के लिए प्रेरणा है.





