*’विकसित भारत जी राम जी’ के लिए 26 दिसंबर को होगा विशेष ग्राम सभा का आयोजन*
*नए विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका मिशन ग्रामीण 2025 के बारे में ग्रामीणों को दी जाएगी जानकारी*
कवर्धा दिसंबर 2025/ केंद्र सरकार द्वारा महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के स्थान पर विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका मिशन ग्रामीण जिसे संक्षेप में ‘विकसित भारत जी राम जी 2025’ भी कहा जा रहा है बहुत जल्द महात्मा गांधी नरेगा के स्थान पर नया कानून प्रतिस्थापित होगा। इस नए कानून से विकसित भारत की कल्पना साकार होगा और ग्रामीणों के जीवन मे सकारात्मक बदलाव भी लाएगा। इन्हीं बदलाव के विषय में ग्रामीणों को पूरी जानकारी देने के लिए कबीरधाम जिले के सभी ग्राम एवं ग्राम पंचायत मुख्यालय में 26 दिसंबर को विशेष ग्राम सभा का आयोजन किया जाएगा। इस संबंध में कलेक्टर श्री गोपाल वर्मा द्वारा सभी जनपद पंचायतों को विस्तृत दिशा निर्देश जारी किए गए हैं। कलेक्टर श्री वर्मा ने बताया कि मनरेगा योजना के स्थान पर विकसित भारत जी राम जी-2025 प्रतिस्थापित होने वाला है। जिसमें ग्रामीण भारत के लिए नए रोड मैप तैयार किए गए हैं जो विकसित भारत 2047 के लिए महत्वपूर्ण घटक है। इसलिए यह आवश्यक है कि ग्रामीण अंचलों में सभी को नए कानून के बारे में पूरी जानकारी हो इसी उद्देश्य से 26 दिसंबर को जिले के सभी ग्राम एवं ग्राम पंचायत मुख्यालय में ग्राम सभा का आयोजन होगा।
मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत कबीरधाम श्री अजय कुमार त्रिपाठी ने बताया कि 26 दिसंबर को आयोजित होने वाले ग्राम सभा में सभी ग्रामीणो, श्रमिकों, महिलाओं, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति परिवारों और कमजोर समूह की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए विशेष पहल की जा रही है जिन्हें इस योजना में सबसे ज्यादा फायदा होना है। इसके साथ ही गांव के गणमान्य व्यक्तियों को भी ग्राम सभा में आमंत्रित किया जाएगा तथा ग्राम सभा से संबंधित सभी गतिविधियों को ग्राम सभा निर्णय मोबाइल एप में अपलोड किया जाएगा। नए कानून के संबंध में ग्रामीणों को मिलने वाले रोजगार, मजदूरी भुगतान, योजना अंतर्गत होने वाले कार्य, पारदर्शिता सहित ग्रामीणों के अधिकारों के बारे में पूरी जानकारी ग्रामीणों को ग्राम सभा में दी जाएगी।
*विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका मिशन ग्रामीण (जी राम जी) की प्रमुख विशेषताएं*
प्रत्येक वित्तीय वर्ष में पंजीकृत परिवारों को 100 के बदले 125 दिवस का गारंटीशुदा रोजगार मिलेगा। पहले की अपेक्षा 25 दिन ज्यादा रोजगार। पूर्व मे प्रशासनिक व्यय की सीमा को 6 प्रतिशत को बढ़ाकर 9 प्रतिशत किया गया हैं जिससे योजना के क्रियान्वयन में और तेजी आएगी। विकसित भारत 2047 हेतु राष्ट्रीय दृष्टिकोण के साथ ग्रामीण क्षेत्रों के विकास कार्य के ढांचे को रेखांकित किया गया हैं। जिसमे होने वाले कार्य में जल संवर्धित कार्य – जल संरक्षण संवर्धन के समस्त कार्य, ग्रामीणों के लिए मुख्य अधोसंरचना निर्माण कार्य में पुस्तकालय, नाली, आंगनबाड़ी, पंचायत भवन, लोक भवन एवं अन्य अद्योसंरचना जैसे लैब,कमरें, खेल मैदान, स्कूल बाउण्ड्री आदि। इसके साथ ही मुक्तिधाम, परिवहन शेड,सौर ऊर्जा हेतु अद्योसंरचना निर्माण।जल जीवन मिशन अंतर्गत सृजित कार्यो का रखरखाव एवं स्वच्छता शेड, आजीविका संवर्धन अंतर्गत अद्योसंरचना निर्माण कार्यो में कौशल विकास शेड, ग्रामीण हाट बाजार, पीडीस शाॅफ,भंडारण संरचना,स्व सहायता समूहों हेतु भवन निर्माण। कृषि और उसे जुड़े विभाग के गतिविधि हेतु शेड निर्माण कार्य के साथ नर्सरी निर्माण, मौसमी घटनाओं या आपदा से निपटने से सम्बंधित कार्य चक्रवात आश्रय स्थल, बाढ़ आश्रय स्थल,नहर एवं तटबंध निर्माण के साथ वृक्षारोपण आदि कार्य शामिल हैं। विकसित ग्राम पंचायत की अवधारणा को पूर्ण करने के लिए योजना में पारदर्शिता को बढ़ावा देते हुए जीआईएस, ई केवाईसी बायोमेट्रिक प्रणाली का उपयोग होगा। दो माह के लिए कृषि अवकाश (60 दिवस) होगा जो राज्य सरकार द्वारा निर्धारित किया जायेगा। केन्द्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं में अभिसरण होगा। 7 दिनों में मजदूरी भुगतान सुविधा और विलंब की दशा में मजदूरी भत्ता 5 प्रतिशत प्रति दिवस दिया जाएगा यदि समय में मजदूरी भुगतान नहीं होने पर। कार्य की मांग एवं उपलब्धता के आधार पर 15 दिवस में ग्रामीणों को रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा।





