छत्तीसगढ़

अब हर माह 7 तारीख को होगा ‘आवास दिवस’, ग्रामीण क्षेत्रों में आवास निर्माण को मिली रफ्तार

*सुशासन सप्ताह में 2100 परिवारों का सपना पूरा, पीएम आवास पूर्णता पर एक साथ किया गृहप्रवेश*

*अब हर माह 7 तारीख को होगा ‘आवास दिवस’, ग्रामीण क्षेत्रों में आवास निर्माण को मिली रफ्तार*

*प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत बड़ी पहल, हर पंचायत में मासिक आवास दिवस अनिवार्य*

कवर्धा,  दिसंबर 2025/ सुशासन सप्ताह के अवसर पर जिले में 01 नवम्बर के बाद पूर्ण हुए 2100 से अधिक प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण एवं प्रधानमंत्री जनमन आवासों में एक साथ गृह प्रवेश कराया गया। इस सामूहिक गृह प्रवेश कार्यक्रम से ग्रामीण अंचलों में उत्सव जैसा माहौल रहा। हितग्राहियों ने अपने नए घरों को दीपों और रंगोलियों से सजाकर पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ विधिवत गृह प्रवेश किया। गृह प्रवेश कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति रही जिसने हितग्राहियों का उत्साह और बढ़ाया। जनप्रतिनिधियों ने हितग्राहियों को नए आवास में प्रवेश की शुभकामनाएं दीं। राज्य सरकार के निर्देशों के अनुसार प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण एवं प्रधानमंत्री जनमन के तहत स्वीकृत आवासों का निर्माण समय-सीमा में पूर्ण कराने और ग्रामीण क्षेत्रों में जनजागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से कलेक्टर श्री गोपाल वर्मा ने निर्देश और सीईओ जिला पंचायत श्री अजय कुमार त्रिपाठी के मार्गदर्शन में विभागीय अधिकारियों को दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।

इन निर्देशों के तहत अब जिले की प्रत्येक ग्राम पंचायत में हर माह की 7 तारीख को ‘आवास दिवस’ का आयोजन अनिवार्य रूप से किया जाएगा। यह आयोजन चावल महोत्सव एवं महात्मा गांधी नरेगा के रोजगार दिवस के साथ संयुक्त रूप से होगा, जिससे अधिक से अधिक ग्रामीणों की सहभागिता सुनिश्चित की जा सके।

आवास दिवस के दौरान ग्राम पंचायत स्तर पर हितग्राहियों की सूची का सार्वजनिक वाचन, 90 दिवस अथवा निर्धारित समय से पूर्व आवास पूर्ण करने वाले हितग्राहियों का सम्मान, लंबित किश्तों का त्वरित भुगतान, मनरेगा मजदूरी की समीक्षा तथा आवास निर्माण में आ रही समस्याओं का तत्काल निराकरण किया जाएगा। इसके साथ ही निर्माण सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कार्यवाही भी की जाएगी। निर्देशों में पंचायत पदाधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को योजना के प्रावधानों की जानकारी हितग्राहियों तक पहुंचाने तथा विभिन्न विभागों के साथ अभिसरण (कन्वर्जेंस) की संभावनाओं पर चर्चा करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही हितग्राहियों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए टोल-फ्री नंबर 1800-233-1290 के व्यापक प्रचार-प्रसार पर भी जोर दिया गया है।

यह पहल ग्रामीण क्षेत्रों में आवास निर्माण को एक अभियान का रूप दे रही है। मासिक बैठकों के माध्यम से हितग्राहियों को स्थानीय सामग्री के उपयोग, प्रशिक्षित राजमिस्त्रियों की सेवाएं लेने, 25 वर्ग मीटर के मानक डिज़ाइन और गुणवत्तापूर्ण निर्माण प्रक्रिया की जानकारी दी जा रही है, जिससे ग्रामीणों के आवास निर्माण को तय समय सीमा के भीतर पूरा किया जा सके।

Manoj Mishra

Editor in Chief

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