गुना. बेटी की शादी करना हर माता-पिता का सपना होता है, लेकिन खुशियों के बीच दहेज एक बड़ी समस्या है. पैसे नहीं मिलने पर कई बार लोग रिश्ता तक तोड़ देते हैं. समाज में दहेज प्रथा के खिलाफ एक मजबूत संदेश देते हुए मध्य प्रदेश के गुना जिले के एक फौजी ने दी है. दरअसल राघोगढ़ तहसील के सोरामपुरा गांव के फौजी दिलीप सिंह की शादी हो रही थी. अपनी शादी के दौरान फलदान में मिले डेढ़ लाख रुपये उन्होंने फौरन लौटा दिए. इसे देखकर वहां मौजूद लोग हैरान रह गए. उनकी इस अनोखी पहल ने न केवल शादी में मौजूद समाज के लोगों को झकझोर दिया, बल्कि दहेज जैसी कुप्रथा को जड़ से खत्म करने की प्रेरणा भी लोगों को दी.कोटा में टीका-फलदान समारोह हो रहा था. इसी दौरान उन्होंने ये साहसिक और सराहनीय कदम उठाया. उन्हें फलदान के रूप में 1 लाख 51 हजार रुपये मिले थे, लेकिन उन्होंने पूरी राशि यह कहते हुए लौटा दी कि दहेज समाज की कमजोरी को दर्शाता है. इसे खत्म करना हर व्यक्ति की नैतिक जिम्मेदारी है.दिलीप सिंह का कहना है कि मैंने यह कदम इसलिए उठाया क्योंकि यह मेरी नैतिक जिम्मेदारी है. समाज में दहेज प्रथा की जड़ें गहरी हो चुकी हैं और इसे पूरी तरह से खत्म करने के लिए व्यक्तिगत स्तर पर बदलाव की शुरुआत जरूरी है. उनके इस फैसले से समारोह में शामिल परिवार और मेहमानों पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा और सभी ने उनकी जमकर तारीफ की.दिलीप सिंह के इस कदम को उनके परिवार और रिश्तेदारों ने भी सराहा. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि दहेज प्रथा को नकारने से न केवल महिलाओं का सम्मान बढ़ेगा, बल्कि समाज में न्याय और समानता के मूल्यों को भी मजबूती मिलेगी. लोगों का कहना है कि यह पहल समाज में सकारात्मक बदलाव का प्रतीक बन गई है. दिलीप सिंह का यह कदम युवाओं को प्रेरित करता है कि वे भी समाज सुधार की दिशा में आगे बढ़ें और दहेज जैसी कुप्रथाओं को खत्म करने में सहयोग करें.
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