छत्तीसगढ़

कलेक्टर श्रीमती तुलिका प्रजापति ने कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय बोड़ला का किया निरीक्षण

*कलेक्टर श्रीमती तुलिका प्रजापति ने कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय बोड़ला का किया निरीक्षण*

*छात्राओं से संवाद कर अध्ययन-अध्यापन व्यवस्था की ली जानकारी, स्वच्छता एवं आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के दिए निर्देश*

कवर्धा,  सितंबर 2026। कलेक्टर श्रीमती तुलिका प्रजापति ने आज विकासखंड बोड़ला के कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय का निरीक्षण कर वहां उपलब्ध शैक्षणिक एवं आवासीय व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने विद्यालय की कक्षाओं में पहुंचकर छात्राओं से अध्ययन-अध्यापन के संबंध में जानकारी ली और उनके साथ सहज संवाद किया।
कलेक्टर ने छात्राओं से उनकी रुचि के विषयों के बारे में चर्चा की तथा पढ़ाई के दौरान आने वाली कठिनाइयों एवं उनकी आवश्यकताओं के संबंध में भी जानकारी ली। उन्होंने छात्राओं को पूरे मनोयोग और लगन के साथ अध्ययन करने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि निरंतर मेहनत, अनुशासन और आत्मविश्वास के साथ शिक्षा ग्रहण कर छात्राएं अपने जीवन में बेहतर उपलब्धियां हासिल कर सकती हैं।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने विद्यालय की अधीक्षिका से छात्राओं की दर्ज संख्या एवं विद्यालय में उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली। अधीक्षिका ने बताया कि कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में 200 छात्राओं का प्रवेश है। कलेक्टर ने छात्राओं के लिए उपलब्ध शैक्षणिक, आवासीय एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं की जानकारी भी ली।

रसोई कक्ष का किया निरीक्षण

कलेक्टर श्रीमती प्रजापति ने विद्यालय के रसोई कक्ष का भी निरीक्षण किया। उन्होंने छात्राओं के लिए तैयार किए जाने वाले भोजन एवं रसोई की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने अधीक्षिका एवं संबंधित कर्मचारियों को विद्यालय परिसर में स्वच्छता बनाए रखने तथा छात्राओं के लिए सभी आवश्यक सुविधाएं व्यवस्थित रूप से उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

कला कुटी में छात्राओं की प्रतिभा को सराहा

कलेक्टर ने विद्यालय में स्थित कला कुटी कक्ष का भी अवलोकन किया। यहां छात्राओं द्वारा तैयार की गई विभिन्न आकर्षक कलाकृतियों को देखकर उन्होंने छात्राओं की रचनात्मक प्रतिभा की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की गतिविधियां विद्यार्थियों में रचनात्मकता, आत्मविश्वास एवं कौशल विकास को बढ़ावा देती हैं। कलेक्टर ने विद्यालय प्रबंधन को छात्राओं को अध्ययन के साथ-साथ उनकी रुचि एवं प्रतिभा के अनुरूप रचनात्मक एवं सह-शैक्षणिक गतिविधियों के लिए भी प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आवासीय विद्यालय में छात्राओं को सुरक्षित, स्वच्छ एवं अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराना प्राथमिकता होनी चाहिए।

Manoj Mishra

Editor in Chief

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