छत्तीसगढ़

किसान की मेहनत को मिला योजनाओं का साथ, मजबूत हुई रामजी साहू की खेती

*किसान की मेहनत को मिला योजनाओं का साथ, मजबूत हुई रामजी साहू की खेती*

*सेवा संकल्प से खेत तक पहुंची मदद, आर्थिक स्थिति मजबूत होने से बढ़ा आत्मविश्वास*

कवर्धा  सितंबर 2026। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के ‘सेवा संकल्प’ का उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उनके लाभ को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाकर उसके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना है। इसी संकल्प की सार्थक तस्वीर कबीरधाम जिले के ग्राम भेलवाभांवर निवासी कृषक श्री रामजी साहू की सफलता में दिखाई देती है। मेहनत को जब शासन की योजनाओं का सहारा मिला, तो उनकी खेती ने नई राह पकड़ी। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना और कृषक उन्नति योजना से मिले आर्थिक संबल ने खेती की लागत में राहत देने के साथ उनकी आय को मजबूती दी। फसल विविधीकरण अपनाकर श्री साहू ने खेती को अधिक लाभकारी बनाया। श्री रामजी साहू के पास 1.809 हेक्टेयर कृषि भूमि है। वे अपनी भूमि पर मौसम के अनुसार अलग-अलग फसलों की खेती करते हैं। खरीफ में धान के साथ अरहर-कोदो की अंतवर्तीय फसल, रबी में गन्ना एवं चना तथा जायद मौसम में उड़द एवं मूंग की खेती कर रहे हैं। इस तरह उन्होंने फसल विविधीकरण को अपनाकर एक ही फसल पर निर्भरता कम करने की दिशा में कदम बढ़ाया है।

*प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि ने दिया खेती के लिए निरंतर आर्थिक सहारा*

कृषक श्री साहू को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के अंतर्गत योजना प्रारंभ होने से अब तक 23 किस्तों में कुल 46 हजार रुपये की राशि प्राप्त हुई है। यह सहायता उनके लिए खेती के दौरान आने वाली आवश्यकताओं को पूरा करने में उपयोगी साबित हुई। खेती में मौसम और प्राकृतिक परिस्थितियों का जोखिम हमेशा बना रहता है। ऐसे समय में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना श्री रामजी साहू के लिए सहारा बनी। खरीफ वर्ष 2025-26 में धान फसल के लिए उन्हें 66,217 रुपये तथा रबी वर्ष 2025-26 में चना फसल के लिए 54,768 रुपये की बीमा दावा राशि प्राप्त हुई। इस प्रकार वित्तीय वर्ष 2025-26 में उन्हें कुल 1,20,985 रुपये का बीमा क्लेम मिला। इस सहायता ने फसल से जुड़े जोखिम के बीच उन्हें आर्थिक सुरक्षा प्रदान की।

*धान विक्रय और बोनस से मिला 1.30 लाख रुपये से अधिक का लाभ*

कृषक उन्नति योजना के अंतर्गत वर्ष 2025-26 में श्री साहू ने 42 क्विंटल धान का विक्रय किया। इसके एवज में उन्हें 96,600 रुपये प्राप्त हुए। इसके साथ 33,300 रुपये बोनस के रूप में मिले, जिससे धान विक्रय से उनकी कुल प्राप्ति 1,30,200 रुपये रही। इसके अतिरिक्त धान के बदले अरहर लेने पर उन्हें 14,700 रुपये की राशि का लाभ मिला। श्री रामजी साहू बताते हैं कि कृषि योजनाओं से मिली आर्थिक सहायता ने जोताई, बोवाई, निदाई और मिसाई जैसे कृषि कार्यों में काफी सहयोग दिया। विभिन्न फसलों से प्राप्त आय और योजनाओं के लाभ से उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हुई तथा परिवार की आवश्यकताओं को पूरा करने में मदद मिली।

Manoj Mishra

Editor in Chief

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