छत्तीसगढ़

जिले में मौसमी एवं संक्रामक बीमारियों से बचाव और रोकथाम को लेकर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट

*जिले में मौसमी एवं संक्रामक बीमारियों से बचाव और रोकथाम को लेकर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट*

*इन्फ्लुएंजा के लक्षणों को पहचानें, समय पर उपचार लें*

कवर्धा, सितंबर 2026। जिले में मौसमी एवं संक्रामक बीमारियों से बचाव और रोकथाम को लेकर स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगातार जनजागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. डी.के. तुर्रे ने जिलेवासियों से अपील की है कि इन्फ्लुएंजा के सामान्य लक्षणों को नजरअंदाज न करें तथा लक्षण दिखाई देने पर समय पर नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचकर चिकित्सकीय परामर्श लें।
सीएमएचओं डॉ. डी.के. तुर्रे ने बताया कि इन्फ्लुएंजा में बहुत अधिक थकान, भूख कम लगना, खांसी, गले में खराश, उल्टी, जोड़ों एवं मांसपेशियों में दर्द, नाक बहना, बुखार, सिरदर्द और दस्त जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। अधिकांश मामलों में पर्याप्त आराम, पर्याप्त मात्रा में पानी का सेवन, संतुलित आहार एवं चिकित्सकीय सलाह से राहत मिल सकती है।

*बचाव के लिए इन बातों का रखें ध्यान*

स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि खांसी या छींकते समय अपने मुंह एवं नाक को ढकें। नियमित रूप से साबुन एवं पानी से हाथ धोएं, पर्याप्त आराम करें तथा बीमार होने की स्थिति में घर पर आराम करें, ताकि संक्रमण के प्रसार को कम किया जा सके। यदि इन्फ्लुएंजा के लक्षण 5-6 दिनों से अधिक समय तक बने रहें, लक्षण बहुत गंभीर हों अथवा व्यक्ति को पहले से कोई गंभीर बीमारी हो, तो बिना देरी किए नजदीकी शासकीय स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए।

*समय पर पहचान और उपचार से कम होगी बीमारी की गंभीरता*

सीएमएचओं ने कहा कि इन्फ्लुएंजा के लक्षणों की समय पर पहचान और उचित चिकित्सकीय परामर्श एवं उपचार से बीमारी की गंभीरता को कम किया जा सकता है। उन्होंने जिलेवासियों से स्वास्थ्य संबंधी लक्षणों को लेकर सतर्क रहने तथा स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी आवश्यक सावधानियों और सलाह का पालन करने की अपील की है।

Manoj Mishra

Editor in Chief

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