देश दुनिया

मेट ओपेरा में सांपों का भी होता है ऑडिशन, प्रिंसेस नाम के बोआ कॉन्स्ट्रिक्टर स्नेक को मिला रोल

वाशिंगटन। न्यूयॉर्क के प्रसिद्ध मेट्रोपॉलिटन ओपेरा द मेट के मंच पर उतरने वाले हर कलाकार को ऑडिशन देना पड़ता है, यह नियम इंसानों के साथ-साथ जानवरों पर भी लागू होता है। महान संगीतकार मोजार्ट के एक क्लासिक ओपेरा के कुछ पलों के लिए मंच पर आने वाले सांप के किरदार के लिए बाकायदा एक कड़ा ऑडिशन आयोजित किया गया।

इस भूमिका के लिए सांप का चयन करने की जिम्मेदारी जोई जिगफेल्ड को दी गई, जो एक पूर्व कार्निवल कलाकार हैं और इस ओपेरा में स्नेक हैंडलर की भूमिका निभा रही हैं।

मंच पर उतरने से पहले परखा गया सांप का मिजाज

जोई जिगफेल्ड ने ऑडिशन के दौरान हर सांप को अपने शरीर पर लपेटकर और अपने सिर के ऊपर उठाकर देखा, ठीक वैसे ही जैसे उन्हें मंच की चकाचौंध रोशनी के बीच प्रदर्शन करना होगा। जोई ने हर सांप की आंखों में देखकर उसके स्वभाव और बर्ताव को परखा।

जोई ने कहा था कि मुझे यह सुनिश्चित करना था कि वह जानवर इंसानों के बीच और हमारे इस प्रदर्शन के दौरान पूरी तरह सहज महसूस करे।

सांपों के इस मुकाबले में प्रिंसेस नाम की मादा बोआ कॉन्स्ट्रिक्टर सांप ने बाजी मारी। प्रिंसेस आकार में बड़ी है और मंच पर दर्शकों के बीच उसकी मौजूदगी ज्यादा स्पष्ट और प्रभावशाली दिखाई देगी।

जिगफेल्ड ने ऑडिशन के बाद बताया कि पीले और आड़ू रंग की इस बड़ी बोआ कॉन्स्ट्रिक्टर को फिलहाल ट्रायल के आधार पर रिहर्सल के लिए चुना गया है। वहीं, दूसरे दौर के ऑडिशन से थोड़े छोटे आकार की भूरे रंग की बोआ कॉन्स्ट्रिक्टर नाला को प्रिंसेस की अंडरस्टडी के तौर पर रखा गया है, ताकि जरूरत पड़ने पर उसका इस्तेमाल किया जा सके।

इस नए संस्करण में कहानी तो वही है, लेकिन इसे 1950 के दशक के ‘कोनी आइलैंड’ कार्निवल की रंगारंग पृष्ठभूमि और करतब दिखाने वाले कलाकारों के माहौल में ढाला गया है।

कार्निवल से ओपेरा तक का दिलचस्प सफर

जिगफेल्ड के लिए यह भूमिका कोई नई नहीं है। उन्होंने कोनी आइलैंड पर हर दिन आठ बार सांपों के साथ शो करने का लंबा अनुभव हासिल किया है। सालों पहले जब उन्होंने इस ओपेरा के लिए पहली बार ऑडिशन दिया था, तब ऑडिशन रूम में असली सांप लाने की इजाजत नहीं थी।

ऐसे में उन्होंने अपने शो का वीडियो दिखाया और अपनी प्रतिभा साबित करने के लिए अपनी नाक में हथौड़े से कील ठोकने का मशहूर करतब ह्यूमन ब्लॉकहेड करके दिखाया था।

जिगफेल्ड बताती हैं कि यहां संगीत और पैसे अलग हैं, लेकिन लोगों का मनोरंजन करने का आनंद वही है। सांपों को देखकर कुछ दर्शक रोमांचित होते हैं तो कुछ डर जाते हैं, यह बात कार्निवल और ओपेरा दोनों जगह बिल्कुल एक जैसी है।

ओपेरा में इंसानों की तरह जानवरों की भी होती है परीक्षा

ऑडिशन के लिए इन सांपों को नैन्सी नोवोग्राड और उनकी कंपनी ऑल टेम एनिमल्स की मदद से लाया गया था। नोवोग्राड की कंपनी ओपेरा हाउस के लिए हाथियों से लेकर छोटे कीड़े-मकोड़ों तक विभिन्न जानवर मुहैया कराती है।

नोवोग्राड के अनुसार, जानवरों को भी इंसानी कलाकारों की तरह मंच पर अभिनय और तय व्यवहार दिखाना होता है। इसके साथ ही, उन्हें मुख्य कलाकार के साथ सहज होना पड़ता है। इसलिए इस रोल के लिए सांप का सही रंग, सही आकार और जोई के साथ उसका तालमेल बैठना सबसे ज्यादा जरूरी था।

Manoj Mishra

Editor in Chief

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button