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50 साल पुराना गाना, बेटी के जन्म पर आज भी गाया जाता है ये गीत, लता मंगेशकर की मीठी आवाज बनी हर मां की फेवरेट

नई दिल्ली:

हिंदी सिनेमा में आपको हर एक इमोशन के लिए एक गीत मिल जाएगा. चाहे खुशी हो या गम, दिल टूट जाए या प्यार हो जाए, मिलन हो या जुदाई, बच्चे को सुलाना हो या उसके आने का जश्न मनाना हो. आपको हर एक सिचुएशन के लिए गाने मिल जाएंगे. ये गाने समय के मोहताज नहीं तभी तो 50-60-70 साल पुराने गाने भी आज भी सुने जाते हैं और उतने ही पसंद किए जाते हैं. ऐसा लगता है मानो हम उन्हें एक विरासत की तरह अगली पीढ़ी को सौंपे जा रहे हैं. आज हम आपको एक ऐसे ही गाने के बारे में बताने जा रहे हैं जो पिछले 50 साल से हर नई मां की जुबान पर है. खासतौर पर उसके लिए खास है जिसके घर बेटी का जन्म हुआ हो.

बेटी के जन्म पर गाया जाता है ये गीत, दोगुनी हो जाती है खुशियां

हम जिस गाने की बात कर रहे हैं वो यश चोपड़ा की फिल्म कभी कभी (1976) का हिस्सा था. ये गाना है ‘मेरे घर आयी एक नन्हीं परी’. ये गाना आज भी हर पिता-माता के दिल को छू जाता है. यह गीत बेटी के आने की खुशी, उसकी नजाकत और मां-बाप के गहरे प्यार को शब्दों में पिरोता है. लोग आज भी बेटी के जन्म पर या उसे गोद में लेकर यही गीत सुनते हैं. खुशी के अलावा ये किसी लोरी की तरह भी काम करता है.

किसने गाया था ‘मेरे घर आई एक नन्हीं परी’

कभी कभी के इस गाने को सुरो से सजाया था लता मंगेशकर ने और इसके खूबसूरत बोल साहिर लुधियानवी ने लिखे थे. साहिर और लता जी के कॉम्बिनेशन पर चार चांद लगा गया खय्याम का म्यूजिक. उन्होंने इस गाने को इस तरह पेश किया कि ये एवरग्रीन हो गया. इस गाने में वहीदा रहमान (अंजली) अपनी बेटी पिंकी (नीतू सिंह) के साथ दिखती हैं. यह सीन मां-बेटी के रिश्ते की कोमलता को बहुत खूबसूरती से पेश करता है.

यहां बेटी को “नन्हीं परी” कहा गया है जो चांदनी के खूबसूरत रथ पर सवार होकर आई है. साहिर लुधियानवी ने बेटी के आने को एक दिव्य अनुभव बना दिया. बच्ची के लिए आगे कहा जाता है- उसकी बातें शहद जैसी मीठी, सांस इत्र जैसी महकती, होंठ गुलाब जैसे और गाल अनार जैसे लाल. यह शब्द किसी भी माता-पिता को भावुक कर देते हैं.

कभी कभी की कहानी

इस फिल्म में यश चोपड़ा ने दो पीढ़ियों की लव स्टोरी दिखाई है. यंग कवि अमित (अमिताभ बच्चन) कॉलेज में पूजा (राखी) से प्यार करता है. दोनों शादी का सपना देखते हैं लेकिन पूजा के माता-पिता उसकी शादी विजय (शशि कपूर) से शादी करने के लिए मजबूर कर देते हैं. अमित टूट जाता है, कविता छोड़ देता है और पिता के बिजनेस में लग जाता है. बाद में वह अंजली (वहीदा रहमान) से शादी कर लेता है.पूजा और विजय का बेटा विक्की (ऋषि कपूर) बड़ा होकर पिंकी (नीतू सिंह) से प्यार करता है. पिंकी वास्तव में अंजली की पहली बेटी है, जिसे उसने शादी से पहले गोद दे दिया था. जब यह सच सामने आता है, तो पुराने रिश्ते फिर से जाग उठते हैं. अंत में सब रिश्ते सुलझ जाते हैं और दो पीढ़ियों का प्यार एक-दूसरे से जुड़ जाता है.

कभी कभी का बॉक्स ऑफिस कलेक्शन

फिल्म कभी कभी बॉक्स ऑफिस पर काफी सक्सेसफुल रही. इसने करीब 4 करोड़ का कलेक्शन किया और 1976 की आठवीं सबसे ज्यादा कमाई करने वाली हिंदी फिल्म बनी. यह उस समय की एक हिट फिल्म मानी जाती है.

क्यों अमर हुआ यह गीत?

खय्याम के मधुर संगीत, लता मंगेशकर की मीठी आवाज और साहिर लुधियानवी के भाव से भरे बोल – तीनों का मेल इस गीत को कालजयी बनाता है. यह सिर्फ एक फिल्मी गाना नहीं बल्कि हर बेटी के स्वागत का गीत बन गया है.

Manoj Mishra

Editor in Chief

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