नई दिल्ली। उत्तर भारत, खासतौर से उत्तर प्रदेश और बिहार में फरे एक बहुत ही लोकप्रिय और पारंपरिक व्यंजन है। आमतौर पर फरे चावल के आटे और दाल से बनाए जाते हैं, लेकिन अगर आप इसे झटपट बनाना चाहते हैं, तो सूजी मटर के फरे एक बेहतरीन ऑप्शन हैं।
यह डिश न केवल स्वादिष्ट है, बल्कि भाप में पकने के कारण सेहतमंद भी है। आइए जानें सूजी और मटर से बने गरमा-गरम फरे बनाने की आसान रेसिपी।
सामग्री
आटा तैयार करने के लिए-
- सूजी- 1 कप
- पानी- 1.5 कप
- नमक- स्वादानुसार
- तेल- 1 छोटा चम्मच
- स्टफिंग के लिए-
- ताजी हरी मटर- 1 कप
- हरी मिर्च- 2-3 (बारीक कटी हुई)
- अदरक- 1 इंच का टुकड़ा (कद्दूकस किया हुआ)
- हरा धनिया- आधा कप (बारीक कटा हुआ)
- जीरा- आधा छोटा चम्मच
- हींग- एक चुटकी
- मसाले- आधा चम्मच गरम मसाला, आधा चम्मच अमचूर पाउडर, नमक स्वादानुसार
बनाने की विधि
- सबसे पहले एक कड़ाही में डेढ़ कप पानी, थोड़ा सा नमक और एक चम्मच तेल डालकर उबालें। जब पानी उबलने लगे, तो गैस धीमी कर दें और धीरे-धीरे सूजी डालें। इसे लगातार चलाते रहें, ताकि गुठलियां न पड़ें।
- जब सूजी सारा पानी सोख ले और आटे की तरह इकट्ठा होने लगे, तो गैस बंद कर दें और इसे 5-10 मिनट के लिए ढककर रख दें। थोड़ा ठंडा होने पर हाथों में हल्का तेल लगाकर इसे चिकना गूंथ लें।
- अब मटर के दानों को मिक्सी में दरदरा पीस लें। अब एक पैन में थोड़ा तेल गरम करें, उसमें जीरा और हींग डालें। अब अदरक, मिर्च और पिसी हुई मटर डालकर 2-3 मिनट भूनें।
- लास्ट में सारे सूखे मसाले और हरा धनिया मिलाएं। इसके बाद सूजी के आटे की छोटी-छोटी लोइयां तोड़ें और उन्हें पूरी की तरह बेल लें। अब इसके बीच में एक चम्मच मटर की स्टफिंग रखें और इसे आधे चांद की तरह मोड़ दें। किनारों को हल्का दबा दें ताकि स्टफिंग बाहर न निकले।
- फिर एक स्टीमर या गहरे बर्तन में पानी गरम करें। जाली वाली प्लेट को तेल से चिकना करें और तैयार फरों को उस पर रखें। इन्हें ढककर मध्यम आंच पर 10-12 मिनट तक भाप में पकने दें। पकने के बाद ये थोड़े सख्त दिखने लगेंगे।
- इन गरमा-गरम सूजी मटर के फरों को हरी धनिया की तीखी चटनी या टोमेटो केचप के साथ परोसें। यह शाम के नाश्ते या बच्चों के टिफिन के लिए एक पौष्टिक और शानदार डिश है





