जम्मू। चीन से सटे केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख को दो दिवसीय दौरा समेट कर अमरीकी राजदूत सर्जियो गोर शुक्रवार को दिल्ली लौट गए। लेह में मौजूद दलाई लामा से अपनी मुलाकात को अंतिम समय में रद कर सुर्खियों में रहे सर्जियो गोर का लद्दाख दौरा प्रदेश में खूबसूरती व एडवेंचर खेलों का आनंद लेने तक ही सीमित हो गया।
लद्दाख जाने से पहले, गोर ने कश्मीर घाटी में प्रमुख क्षेत्रीय हितधारकों के साथ कई बैठकें कीं थी। इस दौरान कश्मीर को भारत का महत्वपूर्ण हिस्सा बताना पाकिस्तान द्वारा विरोध का कारण बन गया। पाकिस्तान ने उनकी टिप्पणी को गैर-जिम्मेदाराना बयान बताया।
ऐतिहासिक थिक्से मठ का किया दौरा
ऐसे में गोर का लद्दाख दौरा पर्यटन तक सीमित रहा। उन्होंने शुक्रवार को लहे के विश्व प्रसिद्ध व ऐतिहासिक थिक्से मठ का दौरा किया। लेह से लगभग 19 किलोमीटर दूर थिकसे की एक पहाड़ी पर स्थित, यह मठ मध्य लद्दाख के सबसे बड़े और प्रमुख मठ परिसरों में से एक है।
थिक्से में अमरीकी राजदूत ने 1433 में स्थापित इस मठ में सदियों पुरानी मूर्तियां, स्तूप, स्क्राल पेंटिंग व भित्ति चित्र देखे। यहां पर 1980 के दशक में स्थापित मैत्रेय बुद्ध की 15 मीटर ऊंची प्रतिमा भी है।
गुरुवार को जम्मू और कश्मीर में हुई बैठकों के बाद लेह पहुंचे। भारत की सीमाओं पर जारी सुरक्षा चिंताओं के बीच रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण सीमावर्ती क्षेत्र में एक वरिष्ठ अमेरिकी दूत की यह यात्रा है। लद्दाख जाने से पहले, गोर ने कश्मीर घाटी में मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से बैठक की थी।





