*चार रंगों वाले डिब्बों से संवर रहे गांव, स्वच्छता अभियान को मिल रही नई दिशा*
*सीईओ श्री अभिषेक अग्रवाल ने कहा-कचरा पृथक्करण से स्वच्छ एवं स्वस्थ ग्रामों का निर्माण संभव*
कवर्धा, अगस्त 2026। ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 के प्रभावी क्रियान्वयन के तहत कबीरधाम जिले की ग्राम पंचायतों में चार रंगों वाले डिब्बों के माध्यम से कचरा पृथक्करण अभियान को गति मिल रही है। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अभिषेक अग्रवाल ने कहा कि चार डिब्बों से गांवों में स्वच्छता का नया स्वरूप विकसित हो रहा है। गीला, सूखा, सेनेटरी एवं विशेष कचरे को अलग-अलग एकत्रित करने की व्यवस्था से गांवों में साफ-सफाई का स्तर लगातार बेहतर हो रहा है।
उन्होंने बताया कि घर-घर चलाए जा रहे जनजागरूकता अभियान के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। अब ग्रामीणों के साथ-साथ वृद्धजन भी कचरा पृथक्करण के महत्व को समझने लगे हैं। वार्ड पंचों एवं स्वच्छाग्रहियों द्वारा किए जा रहे घर-घर संपर्क और जागरूकता अभियान से लोगों की सहभागिता लगातार बढ़ रही है।
जनपद पंचायत बोड़ला की ग्राम पंचायत जेवड़नकला, खारा एवं चिल्फी तथा जनपद पंचायत कवर्धा की बिरकोना, पथर्रा एवं बरपेलाटोला ग्राम पंचायतों में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमों का प्रभावी पालन सुनिश्चित कराया जा रहा है। पंचायतों द्वारा प्रत्येक घर में चार प्रकार के डिब्बों की व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए लगातार संपर्क किया जा रहा है। इसके परिणामस्वरूप ग्रामीण गीला, सूखा, सेनेटरी एवं विशेष कचरे को अलग-अलग कर कचरा संग्रहण वाहन को सौंप रहे हैं।
संबंधित ग्राम पंचायतों के सरपंचों ने बताया कि जिला प्रशासन के सहयोग एवं सतत जनजागरूकता से खुले में कचरा फेंकने की प्रवृत्ति में कमी आई है। पंचायतों का लक्ष्य प्रत्येक गांव को स्वच्छ एवं कचरा मुक्त बनाना है। महिला स्व-सहायता समूहों की महिलाएं भी इस अभियान में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। वे घर-घर जाकर ग्रामीणों को कचरा पृथक्करण के लिए प्रेरित कर रही हैं। गीले कचरे से वर्मी कम्पोस्ट तैयार कर पंचायतों की आय बढ़ाने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है, जिससे स्वच्छता के साथ-साथ आजीविका संवर्धन को भी बढ़ावा मिलेगा।
पंचायत सचिवों ने बताया कि सूखे कचरे के विक्रय तथा गीले कचरे से जैविक खाद तैयार कर पंचायत परिसंपत्तियों का सृजन किया जाएगा। साथ ही ग्रामों में एकल उपयोग प्लास्टिक के उपयोग को कम करने और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने के लिए निरंतर अभियान संचालित किया जा रहा है।




