भिलाई। दुर्ग पुलिस द्वारा इन दिनों नाबालिग वाहन चालकों पर लगाम लगाने अभियान चला रही है। लगातार तीन दिनों से कार्रवाई जारी है। इसी कड़ी में बुधवार को 22 नाबालिग बिना वैध ड्राइविंग लाइसेंस के वाहन चलाते हुए पकड़े गए,। तीन दिनों में कुल 80 से ज्यादा नाबालिगों पर कार्रवाई की गई। यही नहीं पुलिस कंट्रोल रूम सेक्टर-06 में अभिभावकों की बैठक लेकर बच्चों की सुरक्षा एवं सड़क दुर्घटनाओं के प्रति जागरूक किया गया और वचनपत्र भी भरवाया गया।
दुर्ग जिले में छात्र-छात्राओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए, सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने एवं नाबालिगों द्वारा बिना वैध ड्राइविंग लाइसेंस वाहन चलाने की बढ़ती प्रवृत्ति पर प्रभावी अंकुश लगाने के उद्देश्य से यातायात पुलिस दुर्ग द्वारा लगातार तीसरे दिन विशेष अभियान चलाकर व्यापक कार्यवाही की गई। अभियान के तहत जिले के प्रमुख चौक-चौराहों, विद्यालयों के आसपास तथा व्यस्त मार्गों पर सघन वाहन जांच की गई। जांच के दौरान बुधवार को कुल 22 नाबालिग वाहन चालक बिना वैध ड्राइविंग लाइसेंस के वाहन चलाते हुए पाए गए, इसके साथ ही विगत तीन दिनों में कुल 89 नाबालिग वाहन चालकों के विरुद्ध कार्यवाही की जा चुकी है।

अभिभावकों की बैठक लेकर समझाया कानून
कार्यवाही के बाद सभी नाबालिग वाहन चालकों के अभिभावकों को पुलिस कंट्रोल रूम, सेक्टर-06, भिलाई में आयोजित विशेष बैठक में आमंत्रित किया गया। बैठक में यातायात पुलिस अधिकारियों ने अभिभावकों को विस्तार से बताया कि कम उम्र के बच्चे वाहन संचालन के लिए आवश्यक मानसिक परिपक्वता, अनुभव एवं त्वरित निर्णय क्षमता विकसित नहीं कर पाते। सड़क पर अचानक उत्पन्न होने वाली परिस्थितियों में सही निर्णय नहीं ले पाने के कारण वे स्वयं तथा अन्य लोगों के लिए गंभीर दुर्घटनाओं का कारण बन सकते हैं। अधिकारियों ने सड़क दुर्घटनाओं के वास्तविक उदाहरणों के माध्यम से अभिभावकों को समझाया कि बच्चों को कम उम्र में वाहन उपलब्ध कराना उनके जीवन को अनावश्यक जोखिम में डालना है। साथ ही यह भी अवगत कराया गया कि नाबालिग द्वारा वाहन चलाए जाने की स्थिति में वाहन स्वामी एवं अभिभावक के विरुद्ध भी मोटरयान अधिनियम के तहत कठोर वैधानिक कार्यवाही का प्रावधान है।
वचन पत्र भरवाकर लिया गया सुरक्षा का संकल्प
बैठक के दौरान सभी अभिभावकों से वचन पत्र भरवाया गया, जिसमें उन्होंने यह संकल्प लिया कि उनके बच्चे जब तक वैध ड्राइविंग लाइसेंस प्राप्त नहीं कर लेते, तब तक उन्हें किसी भी प्रकार का वाहन चलाने की अनुमति नहीं दी जाएगी तथा वे स्वयं भी बच्चों को यातायात नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित करेंगे। यातायात पुलिस दुर्ग ने सभी अभिभावकों से अपील की है कि वे बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। बिना वैध ड्राइविंग लाइसेंस बच्चों को वाहन उपलब्ध न कराएं। एक छोटी-सी लापरवाही किसी परिवार की खुशियां छीन सकती है। सुरक्षित यातायात व्यवस्था तभी संभव है जब प्रत्येक नागरिक अपनी जिम्मेदारी का ईमानदारी से निर्वहन करे। यातायात पुलिस दुर्ग का यह विशेष अभियान आगामी दिनों में भी लगातार जारी रहेगा, ताकि नाबालिग वाहन संचालन पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सके तथा सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाकर आमजन का जीवन सुरक्षित बनाया जा सके।
स्कूलों में विशेष जागरूकता अभियान, विद्यार्थियों को दी गई समझाइश
प्रवर्तन कार्यवाही के साथ-साथ यातायात पुलिस द्वारा जन-जागरूकता अभियान भी चलाया गया। इसी क्रम में मानसरोवर स्कूल, जामुल सहित अन्य विद्यालयों में सड़क सुरक्षा संबंधी विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए। विद्यार्थियों को बिना ड्राइविंग लाइसेंस वाहन नहीं चलाने, हेलमेट एवं अन्य सुरक्षा नियमों का पालन करने तथा जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित किया गया। विद्यालय प्रबंधन को भी निर्देशित किया गया कि यदि कोई विद्यार्थी बिना वैध ड्राइविंग लाइसेंस के वाहन लेकर विद्यालय आता है तो उसे तत्काल रोका जाए, उसके अभिभावकों को सूचित किया जाए तथा ऐसे विद्यार्थियों को वाहन से विद्यालय आने से प्रतिबंधित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं।
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