चंदौली)। आगामी श्रावणी मेला में श्रद्धालुओं व रेल यात्रियों की संभावित भीड़ को देखते हुए पीडीडीयू रेल मंडल में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर व्यापक तैयारी की गई है। मेला अवधि में करीब 200 जवानों की तैनाती का खाका तैयार किया है। जिसमें आरपीएफ, आरपीएसएफ, जीआरपी व स्थानीय पुलिस की भागीदारी होगी।
रेल मंडल के प्रमुख स्टेशनों, ट्रेनों, प्लेटफॉर्मों व यात्री परिसरों में अतिरिक्त बल के साथ आधुनिक निगरानी उपकरणों का इस्तेमाल किया जाएगा। भीड़ बढ़ने की स्थिति में तत्काल कार्रवाई के लिए अलग-अलग विशेष दस्तों को भी सक्रिय रखा जाएगा।
मंडल रेल प्रबंधक उदय सिंह मीना ने श्रावणी मेले को लेकर सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय से कार्य करने का निर्देश दिया है। उन्होंने स्टेशनों पर भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था व यात्री सुविधाओं पर विशेष ध्यान देने को कहा है।संवेदनशील स्थानों पर लगातार निगरानी रखने, भीड़ बढ़ने पर तत्काल प्रभावी कदम उठाने तथा यात्रियों के आवागमन में किसी प्रकार की बाधा न आने देने के निर्देश दिए गए हैं। सुरक्षा एजेंसियों को रेलवे के अन्य विभागों के साथ समन्वय बनाकर कार्य करने को कहा गया है।श्रावणी मेले के दौरान डीडीयू मंडल के महत्वपूर्ण रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों की संख्या में वृद्धि होने की संभावना है। इसे देखते हुए स्टेशन परिसर में प्रवेश व निकास द्वार, फुट ओवरब्रिज, आरक्षण केंद्र, यात्री प्रतीक्षालय, प्लेटफॉर्म सहित अन्य संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात रहेगा।
सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से भीड़ की गतिविधियों पर लगातार निगाह रखी जाएगी, ताकि किसी भी संभावित अव्यवस्था को समय रहते नियंत्रित किया जा सके। पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन पर सुरक्षा इंतजामों को विशेष प्राथमिकता दी गई है।स्टेशन पर पहले से 92 सीसीटीवी कैमरे कार्यरत हैं। रेलवे ने 200 नए कैमरे लगाने की मंजूरी दी है। इनके स्थापित होने के बाद डीडीयू मंडल के सभी स्टेशनों पर कुल 292 कैमरे हो जाएंगे।
जंक्शन के सभी आठ प्लेटफॉर्म, फुट ओवरब्रिज, यात्री हाल, सर्कुलेटिंग एरिया व रेलवे यार्ड की निगरानी की जाएगी। प्लेटफॉर्म नंबर दो स्थित कंट्रोल रूम से आरपीएफ की टीम चौबीसों घंटे कैमरों की गतिविधियों पर नजर रखती है।
महिला कांवड़ियों व महिला रेल यात्रियों की सुरक्षा तथा सहायता के लिए आरपीएफ की मेरी सहेली टीम के साथ महिला बल की विशेष ड्यूटी लगाई जाएगी। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए क्विक रिस्पांस टीमें आधुनिक उपकरणों के साथ मुस्तैद रहेंगी। मानव तस्करी रोकने के लिए एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट को विशेष निर्देश दिए गए हैं।
स्टेशन अथवा ट्रेनों में अकेले या संदिग्ध परिस्थितियों में मिलने वाले बच्चों की सुरक्षा के लिए ऑपरेशन नन्हें फरिश्ते के तहत विशेष निगरानी की जाएगी। रेलवे सुरक्षा बल ने राजकीय रेलवे पुलिस, स्थानीय पुलिस, जिला प्रशासन, खुफिया एजेंसियों तथा रेलवे के विभिन्न विभागों के साथ समन्वय स्थापित किया है। महत्वपूर्ण स्टेशनों पर संयुक्त गश्त, जांच अभियान व त्वरित सूचना आदान-प्रदान की व्यवस्था रहेगी।
श्रावणी मेले के दौरान श्रद्धालुओं व रेल यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। भीड़ प्रबंधन के लिए आरपीएफ के साथ जीआरपी व स्थानीय पुलिस का सहयोग लिया जाएगा। सीसीटीवी निगरानी के साथ विशेष टीमों को सक्रिय किया गया है। यात्रियों से अपील है कि वे अपने सामान के प्रति सतर्क रहें तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल आरपीएफ या जीआरपी को दें। -दिनेश सिंह तोमर, सीनियर कमांडेंट, डीडीयू रेल मंडल।
डीडीयू जंक्शन पर 292 कैमरों की निगरानी
पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन पर वर्तमान में 92 सीसीटीवी कैमरे कार्यरत हैं। रेलवे ने 200 अतिरिक्त कैमरे लगाने की स्वीकृति दी है। इसके बाद स्टेशन पर कैमरों की संख्या 292 हो जाएगी। आठों प्लेटफॉर्म, फुट ओवरब्रिज, यात्री हाल, सर्कुलेटिंग एरिया व यार्ड को निगरानी तंत्र से जोड़ा जाएगा। कंट्रोल रूम से आरपीएफ टीम 24 घंटे गतिविधियों पर नजर रखेगी।
महिला यात्रियों के लिए मेरी सहेली टीम
श्रावणी मेले में महिला कांवड़ियों व अन्य महिला यात्रियों की सुरक्षा को लेकर मेरी सहेली टीम सक्रिय रहेगी। महिला बल की अतिरिक्त तैनाती के साथ जरूरतमंद यात्रियों को सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। भीड़ वाले स्थानों पर महिला सुरक्षा कर्मी विशेष निगरानी करेंगे।
बच्चों व मानव तस्करी पर विशेष नजर
मेले के दौरान स्टेशन व ट्रेनों में बच्चों की सुरक्षा के लिए ऑपरेशन नन्हें फरिश्ते के तहत निगरानी की जाएगी। मानव तस्करी की आशंका वाले मामलों में एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट कार्रवाई करेगी। आरपीएफ ने यात्रियों से संदिग्ध व्यक्ति, वस्तु या गतिविधि की जानकारी तत्काल निकटतम सुरक्षा कर्मी, जीआरपी अथवा हेल्पलाइन 139 पर देने की अपील की है।





