*एग्रीस्टेक पंजीयन कराना अनिवार्य, संयुक्त खाताधारकों को अलग-अलग करना होगा रजिस्ट्रेशन*
*एग्रीस्टेक पंजीयन से धान खरीदी की प्रक्रिया होगी आसान, योजनाओं का लाभ भी होगा सुनिश्चित*
कवर्धा, जुलाई 2026। किसानों को शासन की विभिन्न योजनाओं का निर्बाध लाभ दिलाने तथा कृषि संबंधी सेवाओं को डिजिटल रूप से सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से एग्रीस्टेक पंजीयन अनिवार्य किया गया है। ऐसे किसान, जिनकी ऋण पुस्तिका या भूमि खाते में दो, तीन अथवा चार लोगों के नाम दर्ज हैं, उन्हें अलग-अलग अपना एग्रीस्टेक पंजीयन कराना होगा। साथ ही यदि एक खाते में एक से अधिक खसरा नंबर दर्ज है तो उस खाते के समस्त सहखातेदारों को भी उन सभी खसरों पर अपना पंजीयन कराना होगा। इससे प्रत्येक किसान का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार होगा और भविष्य में योजनाओं का लाभ लेने में सुविधा होगी।
समय पर एग्रीस्टेक पंजीयन नहीं कराने की स्थिति में किसानों को समर्थन मूल्य पर धान एवं अन्य फसलों की बिक्री में कठिनाई हो सकती है। साथ ही शासन द्वारा संचालित विभिन्न किसान हितैषी योजनाओं का लाभ प्राप्त करने में भी बाधा आ सकती है। किसानों से अपील की गई है कि वे समय रहते अपना एग्रीस्टेक पंजीयन अवश्य करा लें। पंजीयन संबंधी अधिक जानकारी एवं सहायता के लिए किसान अपने पटवारी, कृषि विभाग, खाद्य विभाग, सेवा सहकारी समिति अथवा निकटतम कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) से संपर्क कर सकते हैं।





