जमशेदपुर. आज के समय में लोग ऐसे नाश्ते और भोजन की तलाश में रहते हैं, जो स्वादिष्ट होने के साथ-साथ पौष्टिक भी हो. ऐसे में मकुनी रोटी एक बेहतरीन विकल्प है, जिसे बच्चे से लेकर बड़े तक सभी बड़े चाव से खाना पसंद करते हैं. बिहार, झारखंड और पूर्वी भारत के कई हिस्सों में यह पारंपरिक व्यंजन काफी लोकप्रिय है. इसकी खास बात यह है कि इसे बनाने में ज्यादा समय नहीं लगता और घर में उपलब्ध सामान्य सामग्री से ही इसे आसानी से तैयार किया जा सकता है.
लंबे समय तक पेट भरा रहता है
मकुनी रोटी का स्वाद इसे दूसरी रोटियों से अलग बनाता है. सत्तू से भरपूर होने के कारण यह पौष्टिक भी होती है और लंबे समय तक पेट भरा रखने में मदद करती है. यही वजह है कि इसे सुबह के नाश्ते, बच्चों के टिफिन या फिर शाम के हल्के नाश्ते के रूप में परोसा जा सकता है. अगर इसे दही, अचार या चटनी के साथ खाया जाए, तो इसका स्वाद और भी बढ़ जाता है.
ऐसे लगाया जाता है आटा
इसे बनाने के लिए सबसे पहले गेहूं का आटा लें और उसमें लगभग आधी मात्रा में सत्तू मिला दें. इसके बाद स्वादानुसार नमक, मंगरेला (कलौंजी), अजवाइन और बारीक कटा हुआ प्याज डालें. चाहें तो इसमें हरी मिर्च और हरा धनिया भी मिला सकते हैं. सभी सामग्री को अच्छी तरह मिलाने के बाद थोड़ा-थोड़ा पानी डालते हुए नरम आटा गूंथ लें. गूंथे हुए आटे को कुछ मिनट के लिए ढककर रख दें, ताकि सभी मसालों का स्वाद अच्छे से मिल जाए.
मीडियम आंच पर सेंके
इसके बाद आटे की लोइयां बनाकर सामान्य रोटी की तरह बेल लें. तवा गर्म करें और रोटी को दोनों तरफ से सेकें. जब रोटी हल्की सुनहरी होने लगे, तो उस पर बटर, घी या तेल लगाकर गोल्डन ब्राउन होने तक सेंक लें. इससे रोटी बाहर से कुरकुरी और अंदर से नरम बनती है, जो खाने में बेहद स्वादिष्ट लगती है.
दिल जीत लेगा स्वाद
मकुनी रोटी की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह स्वाद और सेहत का बेहतरीन संगम है. सत्तू में मौजूद प्रोटीन और फाइबर शरीर को ऊर्जा देते हैं, जबकि अजवाइन और मंगरेला पाचन में मदद करते हैं. यही कारण है कि यह व्यंजन बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी को पसंद आता है.अगर आप रोजाना के नाश्ते में कुछ नया और पौष्टिक शामिल करना चाहते हैं, तो मकुनी रोटी एक शानदार विकल्प साबित हो सकती है. इसे बच्चों के टिफिन में रखें या परिवार के लिए सुबह और शाम के नाश्ते में बनाएं, इसका स्वाद हर किसी का दिल जीत लेगा





