शिवहर: तेल कंपनियां और सरकार का कहना है कि देश में , डीजल और एलपीजी की कोई कमी नहीं है. लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की जा रही है. लेकिन सरकार के दावों के बीच तस्वीरें कुछ और कहानी बता रही है. बिहार के शिवहर जिले में पेट्रोल और गैस के लिए लंबी-लंबी कतारें देखने को मिल रही है.
मुन्ना लाइन में लगे थे, फिर भी गैस नहीं मिला : ऑटो चालक मुन्ना राम शुक्रवार शाम बिना सीएनजी लिए पंप से लौट गए. शनिवार को सुबह 6 बजे से लाइन में लगे हैं, लेकिन उन्हें सीएनजी उपलब्ध नहीं हो पा रही. इस चक्कर में दो दिनों से कोई कमाई नहीं हो पा रही है. मों. सलाउद्दीन शुक्रवार को सुबह 7 बजे ऑटो लेकर लाइन में लगे इस आस में की गैस मिल जाएगी, पंप संचालक के द्वारा भी कहा गया कि गैस मिल जाएगी, तो लाइन में लगे रहे, लेकिन शाम 4 बजे बोला गया कि गैस नहीं मिल पाएगी. शनिवार को भी ऑटो लेकर लाइन में खड़े हैं.
ऑटो लोन पर हैं, इसका किस्त 10 हजार रुपये महीना है. सीएनजी की कमी के कारण किस्त वाला तो नहीं मानेगा. हम क्या किस्त भरेंगे और क्या कमाएंगे. मन करता है कि ऑटो लेकर बैंक में जमा कर दें.”– सलाउद्दीन, ऑटो चालक
10 पंप पर कहीं भी पेट्रोल-डीजल नहीं: पेट्रोल पंप पर सीएनजी लेने पहुंचे अर्जुन सिंह कहते हैं कि शहर के 10 पेट्रोल पंप पर कहीं भी पेट्रोल-डीजल नहीं मिल रहा है. सीएनजी तो कहीं नहीं है. दो दिनों से कोई कमाई नहीं हो रही है. सीएनजी गैस के लिए भी ऑटो चालकों को घंटों कतार में खड़ा रहना पड़ रहा है. भारत गैस पेट्रोल पंप के कर्मचारियों ने बताया कि बिजली की बार-बार कटौती के कारण सीएनजी भरने में अतिरिक्त परेशानी हो रही है.
5 घंटे में पेट्रोल खत्म: शिवहर के लचका पुल के निकट पेट्रोल पंप पर चार पहिया वाहन, मोटरसाइकिल, ऑटो चालकों की भारी भीड़ जमा है. पेट्रोल की प्रतीक्षा में पचास से अधिक गाड़ियां पंप पर खड़ी हैं. पंप कर्मचारियों ने बताया कि कल 8,000 लीटर पेट्रोल आया था, जो मात्र 5 घंटे में समाप्त हो गया.
शहर के अन्य पंपों पर भी यही हाल: राजस्थान चौक स्थित इंडियन पेट्रोल पंप के कर्मचारियों ने बताया कि कल से पेट्रोल उपलब्ध नहीं है और बाहर से आपूर्ति बेहद कम हो रही है. वहीं, पुलिस लाइन के पास सत्यम पेट्रोल पंप पर भी कल 2,000 लीटर पेट्रोल महज तीन-चार घंटे में खत्म हो गए. सप्तम भारत पेट्रोलियम ने अनुमंडल दंडाधिकारी को बताया कि कल 3,767 लीटर पेट्रोल आया था, जो मात्र 2 घंटे में वितरित हो गया. अधिकांश पेट्रोल पंपों पर “पेट्रोल नहीं है” का स्टीकर चिपका दिया गया है.
आवागमन ठप, लोग पैदल चलने को मजबूर: ईंधन संकट का असर आवागमन पर भी साफ दिख रहा है. एक मोटरसाइकिल चालक अपनी गाड़ी को धकेलते हुए जाते दिखा. उसने बताया कि न गाड़ी में पेट्रोल है, न पंप पर. प्रशासन के आश्वासन के बावजूद जिले में तेल संकट से आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित है.
“शहर में पेट्रोल की किल्लत तो है, लेकिन कमी नहीं है. इसके लिए दो कारण हैं, एक, शादी-विवाह के मौसम में लोग अतिरिक्त तेल भरवाते हैं और दूसरा 30 अप्रैल को डिपो बंद रहा और 1 मई को मजदूर दिवस के कारण आपूर्ति प्रभावित हुई. डिपो से पेट्रोल चल चुका है. शीघ्र उपलब्ध होगा.”-अविनाश कुणाल, अनुमंडल दंडाधिकारी





