अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच भीषण युद्ध चल रहा है. इस वॉर के बीच ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर कंट्रोल कर लिया है और इससे इस समुद्री मार्ग से कच्चा तेल व गैस ले जाने वाले जहाजों की आवाजाही प्रभावित हो गई है. युद्ध की वजह से वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति बाधित हो गई है. दुनिया भर में कच्चे तेल और गैस की कीमतों में उछाल आ गया है. आज के समय में कच्चा तेल यानी क्रूड ऑयल बहुत महत्वपूर्ण है. इससे हमारा पेट्रोल, डीजल, मिट्टी का तेल और कई अन्य चीजें बनती हैं. कच्चा तेल जमीन के अंदर से निकाला जाता है. यह सीधे इस्तेमाल नहीं किया जा सकता. इसे रिफाइनरी में साफ करके पेट्रोल-डीजल निकाले जाते हैं. चलिए जानते हैं कि 1 लीटर कच्चे तेल से कितना पेट्रोल निकलता है.कच्चा तेल कई तरह के तेलों का मिश्रण होता है. इसमें छोटे-बड़े कार्बन के कण होते हैं. ये कण अलग-अलग तापमान पर उबलते हैं. रिफाइनरी में इन्हें अलग करने के लिए आंशिक आसवन यानी फ्रैक्शनल डिस्टिलेशन नाम की प्रक्रिया का इस्तेमाल किया जाता है. यह प्रक्रिया बहुत बड़ी टावर जैसी मशीन में होती है. सबसे पहले कच्चे तेल को बहुत गर्म किया जाता है. इसे 400 डिग्री सेल्सियस या उससे ज्यादा तापमान पर गर्म करके भाप में बदल दिया जाता है. यह भाप एक लंबे टावर में ऊपर की तरफ जाती है. टावर के नीचे का हिस्सा गर्म होता है और ऊपर का हिस्सा ठंडा होता है. जैसे-जैसे भाप ऊपर जाती है, ठंडा होती जाती है. छोटे कण वाले तेल पहले ठंडे होकर तरल बन जाते हैं. ये हल्के तेल जैसे- पेट्रोल होते हैं. मध्यम आकार के कण केरोसिन बनाते हैं. बड़े कण नीचे रह जाते हैं और डीजल बनाते हैं.
एक लीटर कच्चे तेल से कितना पेट्रोल निकलता है?
अमेरिकी ऊर्जा विभाग के अनुसार एक बैरल कच्चे तेल में लगभग 159 लीटर कच्चा तेल होता है. इससे करीब 19-20 गैलन पेट्रोल बनता है. यह लगभग 72-76 लीटर पेट्रोल होता है. आसान भाषा में समझें तो एक लीटर कच्चे तेल से औसतन 0.45 से 0.48 लीटर पेट्रोल निकलता है. यह संख्या रिफाइनरी और कच्चे तेल की क्वालिटी पर थोड़ा बहुत बदल सकती है. डीजल थोड़ा भारी तेल है. यह टावर के बीच के हिस्से से निकलता है. एक बैरल कच्चे तेल से करीब 11-12 गैलन यानी लगभग 42-45 लीटर डीजल बनता है. आसान भाषा में समझें तो एक लीटर कच्चे तेल से लगभग 0.26 से 0.28 लीटर डीजल मिलता है. डीजल ट्रक, बस और मशीनों के लिए इस्तेमाल होता है. यह भारी तेल माना जाता है.
कच्चे तेल में कितना मट्टी का तेल निकलता है?
मिट्टी का तेल यानी केरोसिन भी कच्चे तेल की रिफाइनिंग प्रोसेस से निकलता है. एक बैरल से करीब 4-5 गैलन केरोसिन या जेट फ्यूल टाइप का तेल मिलता है. आसान भाषा में समझें तो एक लीटर कच्चे तेल से लगभग 0.10 से 0.12 लीटर मिट्टी का तेल निकलता है. यह रसोई में गैस स्टोव या लैंप में इस्तेमाल होता है. रिफाइनरी में डिस्टिलेशन के बाद कुछ अतिरिक्त प्रक्रियाएं होती हैं. भारी तेल को तोड़कर ज्यादा पेट्रोल और डीजल बनाया जाता है. सल्फर जैसी गंदगी को निकालने के लिए सफाई की जाती है. इससे प्रोडक्ट साफ और पर्यावरण के अनुकूल बनते हैं.
कच्चे तेल से और क्या-क्या निकलता है?
कच्चे तेल से सिर्फ ईंधन ही नहीं, बल्कि प्लास्टिक, दवा, सड़क बनाने का तारकोल आदि भी बनते हैं. रिफाइनिंग में प्रोडक्ट का वॉल्यूम कच्चे तेल से थोड़ा ज्यादा हो जाता है, क्योंकि प्रोसेसिंग से वॉल्यूम बढ़ जाता है. प्रोसेसिंग के दौरान कच्चे तेल में कुछ केमिकल्स या अन्य चीजें भी मिलाई जाती हैं, जिसकी वजह से ज्यादा मात्रा में पेट्रोल-डीजल निकलते हैं. भारत में कई रिफाइनरी इस काम को करती हैं. हमारा ज्यादातर कच्चा तेल विदेश से आता है और देश में इसे रिफाइन किया जाता है. कच्चा तेल गल्फ देशों में खूब निकलता है और भारत का अधिकतर कच्चा तेल स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के रास्ते आता है. अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच युद्ध से कच्चे तेल की सप्लाई भी बाधित हुई है, जिसका असर दुनिया भर में देखने को मिल रहा है.





