जंगलों में इन दिनों पलाश के फूलों की बहार है। जहां आमतौर पर लाल और नारंगी पलाश देखने को मिलते हैं, वहीं इस बार बारां जिले के शाहाबाद के जंगलों में पीले पलाश (गोल्डन पलाश) की दुर्लभ प्रजाति दिखाई दी है।
इंटेक झालावाड़ चैप्टर के संयोजक राज्यपाल शर्मा जब पीले पलाश की तलाश में शाहाबाद पहुंचे, तो उन्हें यहां चार पेड़ पूरी तरह पुष्पित अवस्था में मिले। झालावाड़ क्षेत्र से यह प्रजाति करीब 15–20 साल पहले ही विलुप्त हो चुकी थी। अब मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा और राजस्थान में डूंगरपुर-बांसवाड़ा में ही इसके कुछ पेड़ देखे जा सकते हैं। ऐसे में शाहबाद के जंगलों में इसकी मौजूदगी पर्यावरणीय दृष्टि से खास मानी जा रही है। इधर, इसकी जानकारी मिलने पर झालावाड़ के डीएफओ सागर पंवार ने भी इसका बीज संग्रह कर संरक्षण करने की बात कही है।
पीला पलाश बेहद दुर्लभ प्रजाति है, इसका मिलना जैव विविधता के लिए सकारात्मक संकेत है। – प्रो. प्रहलाद वीसी, वानिकी विशेषज्ञ शाहाबाद से लौटकर यह फोटो इंटेक झालावाड़ चैप्टर के संयोजक राज्यपाल शर्मा ने भास्कर को उपलब्ध कराया।





