प्रखंड में सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर भले ही बड़े-बड़े दावे किए जाते हो लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। केतार प्रखंड के दो सरकारी विद्यालयों में पिछले तीन दिनों से मध्याह्न भोजन योजना पूरी तरह ठप है। चावल के अभाव में मध्यान्ह भोजन नहीं बनने से सैकड़ों बच्चों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
स्थिति यह है कि बच्चे अब घर से टिफिन लेकर स्कूल पहुंच रहे हैं और उसी से अपना भोजन कर रहे हैं। मध्य विद्यालय मुकुंदपुर और मध्य विद्यालय ताली में एक अप्रैल से ही चावल खत्म हो चुका है। इसके वावजूद अब तक आपूर्ति नहीं हो सकी। नतीजा यह है कि दोनों विद्यालयों के सैकड़ों छात्र-छात्राएं प्रभावित हो रहे हैं। भोजन बंद रहने का असर अब बच्चों की उपस्थिति पर भी दिखने लगा है। मालूम हो कि बच्चों की नियमित उपस्थिति बढ़ाने और उनके पोषण स्तर को बेहतर बनाने के उद्देश्य से सरकार ने मध्यान्ह भोजन योजना की शुरुआत की थी, लेकिन समय पर चावल की आपूर्ति नहीं होने से योजना की मंशा पर भी सवाल खड़े होने लगे हैं। यदि जल्द चावल कि आपूर्ति बहाल नहीं हुई, तो इन विद्यालयों के साथ-साथ प्रखंड के अन्य स्कूलों में भी एमडीएम पूरी तरह ठप होने की आशंका है। संबंधित विद्यालयों के प्रभारी प्रधानाध्यापकों ने बताया कि चावल खत्म होने की जानकारी बीआरसी कार्यालय को लिखित दिया जा चुका है। वहीं प्रखंड के कई अन्य विद्यालयों ने भी विभाग को सूचित किया है कि उनके पास मात्र दो-चार दिनों का ही चावल शेष है। जिस दिन भोजन नहीं मिला, उसकी राशि मिलेगी इधर, शिक्षा विभाग के बीपीएम सुदीप कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि नया आवंटन प्राप्त होने के बाद ही चावल की आपूर्ति की जा सकेगी। उन्होंने आश्वासन दिया कि जिन दिनों मध्यान्ह भोजन बंद रहेगा, उन दिनों छात्रों को प्रतिपूर्ति राशि और चावल उपलब्ध कराया जाएगा।





