देश दुनिया

गैस की रोटी खाने से पुरुषों में दम नहीं रहा’, LPG संकट के बीच देवकीनंदन ठाकुर ने क्या कह दिया

मिडिल ईस्ट में तनाव के बीच देश में कई जगहों पर गैस की कमी देखने को मिल रही है. जिसे लेकर मथुरा के प्रसिद्ध कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर का बयान साने आए हैं. LPG को लेकर गहराते संकट पर उन्होंने अब मिट्टी के चूल्हे पर बने खाने के फायदे गिनाने शुरू कर दिए हैं. उन्होंने कहा कि अगर ये युद्ध चलता रहा तो हम सतयुग में आ जाएंगे.

देवकी नंदन ठाकुर ने गिनाए चूल्हे के फायदे

एलपीजी को लेकर देवकी नंदन ठाकुर का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें वो अपने भक्तों को चूल्हे की रोटी के फायदे गिनाते हुए दिख रहे हैं. उन्होंने कहा कि “गैस सिलेंडर की मारामारी चल रही है. हमको तो ऐसा लग रहा है कि दो-तीन साल ये ऐसे ही चलता रहा तो लौटकर हम लोग वही सतयुग में आ जाएंगे कि चूल्हे पर ही रोटी बनेगी.”

उन्होंने कहा कि माताएं मान लो इस बात को कि चूल्हे की रोटी से जीवन ज्यादा अच्छा होता था, धुआं होता था बस एक ही समस्या थी. लेकिन, गैस की रोटी से कितनी बीमारियां होती हैं, डॉक्टरों के पास जाकर चैक करा लीजिए. आज आपके घर के पुरुषों में दम नहीं रहा है ना, जैसे गैस की रोटी फूल जाती है वैसे ही ये फूल जा रहा है.

गैस की रोटी में आते दुर्गुण’

देवकी नंदन ठाकुर ने कहा कि ये सच है, जो चूल्हे की रोटी होती है उसमें कोई दुर्गुण नहीं होता लेकिन, गैस की रोटी में दुर्गुण आ ही जाएगा. तो हमें लगता है कि प्रकृति अपना खेल खेल रही है. जब गैस के भंडारों में आग ही लग जाएगी तो कहां से लाओगे गैस? फिर सरसों की लकड़ियों के भी रेट बढ़ जाएंगे, कंडों (उपले) के रेट भी बढ़ जाएंगे.

कथावाचक ने आगे कहा, “हे भगवान लीला करियो बंसी वाले, सब धीरे-धीरे हो सकता है. आज हम जो गाय मइया को घर से निकाल देते हैं फिर गाय से कहेंगे गोबर कर गोबर कर कंडे बनाएंगे. अब क्यों? क्योंकि गैस नहीं है इसलिए कंडा आने दो”

देवकी नंदन ठाकुर का ये बयान ऐसे समय में आया है जब ईरान-इजराइल युद्ध के बीच देश में गैस की कमी का खतरा मंडराने लगा है. हालांकि सरकार लगातार पर्याप्त भंडार होने का दावा कर रही है लेकिन, मिडिल ईस्ट में जिस तरह की परिस्थितियां देखने को मिल रही है उससे आने वाले समय को लेकर अनिश्चितता से इनकार नहीं किया जा सकता.

Manoj Mishra

Editor in Chief

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button