चंडीगढ़। जिला अदालत ने लगभग आठ साल पुराने 38.5 लाख रुपये के चेक बाउंस मामले में मोहाली की एक फर्म की मालिक सुनीता ठाकुर और उनके पति प्रवीण कुमार ठाकुर को दोषी ठहराते हुए डेढ़-डेढ़ साल की सजा सुनाई है। अदालत ने उन्हें चेक राशि के बराबर की रकम बतौर मुआवजा अदा करने का भी आदेश दिया है।यह निर्णय न्यायिक मजिस्ट्रेट दिव्या शर्मा की अदालत ने करंस मार्केटिंग के मालिक संजीव बांका की शिकायत पर सुनाया। शिकायतकर्ता के वकील हरीश छाबड़ा के अनुसार, एमएस करंस मार्केटिंग इलेक्ट्रिकल सामान और डीडब्ल्यूसी पाइप का कारोबार करती है। दोषी कंपनी, मोहाली स्थित एमएस स्वास्तिका एंटरप्राइजेज, उनसे उधार पर सामान खरीदती थी और टेलीकाम परियोजनाओं में ओएफसी केबल बिछाने का कार्य करती थी।दोनों पक्षों के बीच लंबे समय से लेन-देन चल रहा था, जिसके परिणामस्वरूप कुल 38,50,038 रुपये की देनदारी बन गई। इस राशि के भुगतान के लिए दोषियों ने 21 अप्रैल 2017 को 38.5 लाख रुपये का चेक जारी किया, जो फंड्स की कमी के कारण बाउंस हो गया।शिकायतकर्ता ने 15 दिनों के भीतर भुगतान की मांग करते हुए कानूनी नोटिस भेजा, लेकिन कोई उत्तर नहीं मिला। इसके बाद मामला अदालत में दायर किया गया। सुनवाई के दौरान दोषियों ने दलील दी कि चेक सुरक्षा के तौर पर दिया गया था, लेकिन अदालत ने इसे अस्वीकार कर दिया।
0 2,500 1 minute read





