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राजपाल यादव के तिहाड़ से आते ही बिगड़े बोल, कभी सोनू सूद को लिया आड़े हाथ तो कभी अपनी ही फिल्म के डायरेक्टर को दिखाई आंखें

नई दिल्ली:

राजपाल यादव ने 5 फरवरी को दिल्ली में जब सरेंडर किया तो उन्हें लेकर सोशल मीडिया पर एक अलग ही लहर दौड़ गई थी. फैन्स और इंटरनेट यूजर्स उन पर आई मुसीबत के बारे में जानकर परेशान थे और उनकी मदद को आगे आ रहे लोगों की तारीफ कर मदद की इस मुहीम को काफी सपोर्ट भी कर रहे थे. राजपाल यादव जेल में होते हुए खबरों की दुनिया में ट्रेंड कर रहे थे. हर कोई उनकी कहानी जानना चाहता था. उनके लिए लोगों के मन में एक दया की भावना था. सबकी जुबान पर एक ही दुआ थी कि राजपाल यादव की ये मुसीबत किसी तरह हल हो जाए. उनकी मुसीबत को दूर करने सबसे पहले सोनू सूद आए और फिर एक सिलसिला ही शुरू हो गया. लेकिन राजपाल यादव ने जेल से बाहर आते ही जज्बात ही बदल दिए. उन्होंने बाहर आकर मदद करने वाले एक एक शख्स को चुन चुन कर उठाया. उनके किए धरे पर पानी फेरा. जैसा कि हमने हेडलाइन में कहा उनके बिगड़े बोल हर किसी को हैरान कर गए.

1- सोनू सूद: राजपाल यादव की मदद करने वालों में सबसे पहले सोनू सूद थे. वही थे जिन्होंने सबसे पहले कॉमीडियन की मदद का ऐलान किया. सोनू सूद ने   को काफ ऑफर कर उन्हें एडवांस पेमेंट देने की बात कही और दूसरों से भी ऐसा ही करने की अपील की. इस मदद के जवाब में राजपाल यादव ने कहा कि सोनू सूद अपनी गलतफहमी दूर कर लें क्योंकि उनके पास बहुत काम है. उन्हें किसी से काम मांगने की जरूरत नहीं है. – पुश्तैनी मकान: राजपाल यादव ने दावा किया कि उनके पुश्तैनी मकान में 5 करोड़ की ईंटें लगी हैं. इसके साथ ही उन्होंने दावा किया कि 50 करोड़ तक की रकम उन्हें कमजोर नहीं कर सकती.- जेल से बाहर आकर शुरू किया यूट्यूब चैनल: राजपाल यादव 23 फरवरी को मुंबई लौटे और इसके बाद उन्होंने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की. पीसी में सवाल-जवाब के बाद उन्होंने एक यूट्यूब चैनल की शुरुआत की. इसमें भी वह अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस की एक क्लिप शेयर करते दिखे लेकिन मदद करने वालों के लिए उनकी तरफ से कोई मैसेज नहीं दिखा प्रियदर्शन को भी दिखा दी आंख: फिल्ममेकर प्रियदर्शन के एक्टर की परेशानियों के लिए “खराब एजुकेशन” को वजह बताया था, जिस पर राजपाल यादव ने उन्हें जवाब देते हुए कहा था, यह बिल्कुल गलत है. प्रियदर्शन को पता नहीं मैं कौन हूं. मैं अच्छा पढ़ा लिखा इंसान हूं. मैं 11 साल की उम्र से 55 की उम्र तक लगातार काम कर रहा हूं. यहां तक की बड़े बड़े लोग एक वक्त पर मुसीबत में फंस जाते हैं. लेकिन इसका उनकी पढ़ाई से लेना देना नहीं है. अगर मैं कम पढ़ा लिखा होता तो मैं 25-30 साल यहां सर्वाइव नहीं कर पाता. एक्टर ने आगे कहा है कि ऐसी सोच को उनसे और उनकी जर्नी से नहीं जोड़ा जाना चाहिए. उनके मुताबिक व्यक्ति के प्रोफेशनल सेटबैक को पढ़ाई के साथ नहीं जोड़ा जाना चाहिए.  

Manoj Mishra

Editor in Chief

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