बाली नगरपालिका क्षेत्र की गौचर भूमि पर अवैध रूप से कोयले का कारोबार किए जाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि गौचर भूमि पर हजारों हरे-भरे पेड़ों को काटकर जलाया जा रहा है और बड़े पैमाने पर अवैध कोयला तैयार किया जा रहा है। इस घटना से ग्रामीणों में भारी रोष है और उन्होंने प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
पेड़ों को जलाकर बनाया जा रहा कोयला
ग्रामीणों के अनुसार, पशुओं के चरने और पर्यावरण संरक्षण के लिए सुरक्षित मानी जाने वाली गौचर भूमि पर जेसीबी मशीनों से अंधाधुंध तरीके से पेड़ों की कटाई की गई है। कटे हुए हरे पेड़ों को मौके पर ही जलाकर कोयला बनाया जा रहा है, जिससे पर्यावरण को गंभीर नुकसान पहुंच रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि इन अवैध गतिविधियों से गौचर भूमि का अस्तित्व खतरे में पड़ गया है।
ग्रामीणों ने ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की थी
ग्रामीणों ने इस संबंध में पूर्व में प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर मामले की जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की थी। हालांकि, अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। उनका कहना है कि यदि समय रहते इस अवैध कारोबार को नहीं रोका गया तो क्षेत्र में पर्यावरण संतुलन बिगड़ सकता है और पशुओं के लिए चारागाह की समस्या उत्पन्न हो जाएगी।
तहसीलदार को जांच के निर्देश देंगे-एसडीएम
इस मामले पर बाली के उपखंड अधिकारी (एसडीएम) दिनेश विश्नोई ने कहा कि गौचर भूमि में पेड़ों की कटाई के बाद कोयला बनाने की जानकारी मिली है। उन्होंने बताया कि तहसीलदार को मौका मुआयना कर जांच करने के निर्देश दिए जाएंगे, जिसके बाद उचित कार्रवाई की जाएगी।





