मध्य प्रदेश शासन द्वारा आमजन की समस्याओं का त्वरित निराकरण करने के उद्देश्य से चलाए जा रहे “संकल्प से समाधान” अभियान के द्वितीय चरण के अंतर्गत सोमवार को बम्हौरी स्थित पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में शिविर आयोजित किया गया, लेकिन जमीनी स्तर पर यह शिविर अपेक्षित परिणाम नहीं दे सका। शासन की मंशा ग्रामीणों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने और विभिन्न विभागों को एक मंच पर लाकर समस्याओं का मौके पर समाधान करना है। आयोजन में कई प्रमुख विभागों की अनुपस्थिति रही। आमजन की कम भागीदारी भी दिखी। इससे पूरे अभियान पर सवाल खड़े हो गए।
सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक चले इस शिविर में बम्हौरी सेक्टर की 24 ग्राम पंचायतों को शामिल किया गया था। हालांकि पंचायत, महिला एवं बाल विकास तथा स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी मौजूद रहे, लेकिन राजस्व, कृषि, विद्युत सहित कई महत्वपूर्ण विभागों के अधिकारी अनुपस्थित दिखाई दिए। नतीजतन ग्रामीण अपनी समस्याओं के समाधान की उम्मीद लेकर पहुंचे। उन्हें निराशा हाथ लगी। दिनभर अधिकांश कुर्सियां खाली रहीं। गिने-चुने हितग्राहियों के आवेदन ही प्राप्त हुए।
शिविर केवल औपचारिकता बना जनपद सदस्य प्रतिनिधि मदन गोपाल वर्मा ने कहा कि जब संबंधित विभागों के अधिकारी ही मौजूद नहीं रहेंगे तो शिविर आयोजित करने का उद्देश्य अधूरा रह जाएगा। उनका कहना है कि शिविर केवल औपचारिकता बनकर रह गया। इससे लोगों का विश्वास कमजोर होता जा रहा है। प्रशासनिक समन्वय की कमी के कारण ग्रामीणों को वास्तविक लाभ नहीं मिल पा रहा है।





