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RTE में बड़ा बदलाव! अब पहली कक्षा से मिलेगा प्रवेश, 16 फरवरी से पंजीयन शुरू

छत्तीसगढ़ के रायपुर में निशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार (आरटीई) के अंतर्गत वर्ष 2026-27 की प्रवेश प्रक्रिया जल्द शुरू हो जाएगी। आरटीई के तहत छात्र पंजीयन 16 फरवरी से शुरू होकर 31 मार्च तक चलेगा। इस बार पहली कक्षा में ही आरटीई के तहत प्रवेश दिया जाएगा।

RTE Admission 2026: 1 से 30 मई तक लेना होगा प्रवेश

विभाग की ओर से नियमों में बदलाव किया गया है। इस कारण काफी कम संख्या में बच्चों का प्रवेश होगा। 13 अप्रैल से 17 अप्रैल तक लॉटरी एवं आवंटन होगा। इसके बाद छात्रों को 1 मई से 30 मई तक प्रवेश लेने होंगे। द्वितीय चरण की प्रक्रिया 8 जून से शुरू हो जाएगी। जिसमें नए स्कूलों का रजिस्ट्रेशन होगा।

उसके बाद 1 जुलाई से 11 जुलाई तक छात्र पंजीयन होगा। फिर 27 जुलाई से 31 जुलाई तक लॉटरी एवं आवंटन होगा। जिसके बाद छात्रों को स्कूल में दाखिला 3 अगस्त से 17 अगस्त तक लेना होगा। अभी स्कूल प्रोफाइल अपडेट करने का कार्य पूरा हो गया है। नोडल अधिकारी द्वारा सत्यापन का कार्य जारी है।

प्रक्रिया शुरू होने से पहले ही आदेश

आरटीई के तहत प्रवेश के लिए स्कूल प्रोफाइल अपडेट का कार्य 1 जनवरी से शुुरू हुआ। उसके 15 दिन पहले ही स्कूल शिक्षा विभाग ने शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) के प्रवेश नियमों में संशोधन किया। जिसके आधार पर अब आरटीई में प्रवेश केवल पहली कक्षा में होगा। इससे पहले प्रवेश केजी 1, नर्सरी और कक्षा 1 में होता था।

विभाग ने जारी आदेश पत्र में कहा है कि नि:शुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 की धारा 12, के खण्ड (1) के उपखण्ड (ग) के प्रावधान अनुसार राज्य में निजी विद्यालयों द्वारा केवल कक्षा पहली में प्रवेश देने के लिए प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान करना प्रस्तावित किया है।

पिछले साल पहली में 10 हजार का प्रवेश

सत्र 2025-26 तक नर्सरी और केजी में भी आरटीई के तहत प्रवेश दिया गया था। आरटीई छत्तीसगढ़ की वेबसाइट के डेटा के अनुसार, सत्र 2025-26 के अनुसार केजी 1, नर्सरी और पहली कक्षा में कुल 53023 छात्र-छात्राओं को प्रवेश दिया गया। जिसमें पहली कक्षा में लगभग 10500 बच्चों को प्रवेश मिला।

यह कुल का लगभग 19.80 फीसदी हैं। आरटीई के तहत 42 हजार 600 से ज्यादा बच्चों का प्रवेश नर्सरी और केजी में हुआ था। एक्सपर्ट के अनुसार, अभी पहली कक्षा में प्रवेश की संख्या कम होगी, लेकिन धीरे-धीरे संख्या बढ़ जाएगी।

Manoj Mishra

Editor in Chief

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