छत्तीसगढ़

गीला, सूखा, सेनेटरी और विशेष कचरे को अलग करने ग्रामीणों को किया जा रहा प्रेरित – सीईओ श्री अभिषेक अग्रवाल

*गीला, सूखा, सेनेटरी और विशेष कचरे को अलग करने ग्रामीणों को किया जा रहा प्रेरित – सीईओ श्री अभिषेक अग्रवाल*

*471 ग्राम पंचायतों में चल रहा विशेष जनजागरण कार्यक्रम*

कवर्धा,  जून 2026। ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 के प्रभावी क्रियान्वयन एवं जनजागरूकता के उद्देश्य से जिला पंचायत कबीरधाम द्वारा जिले की 471 ग्राम पंचायतों में व्यापक जागरूकता अभियान संचालित किया जा रहा है। मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री अभिषेक अग्रवाल के मार्गदर्शन में ग्रामीणों को कचरे के वैज्ञानिक प्रबंधन एवं पृथक्करण के प्रति जागरूक किया जा रहा है।
अभियान के तहत स्वच्छता दीदियों द्वारा घर-घर पहुंचकर ट्राइसाइकिल के माध्यम से गीला, सूखा, सेनेटरी तथा विशेष कचरे को अलग-अलग संग्रहित करने के लिए ग्रामीणों को प्रेरित किया जा रहा है। साथ ही प्लास्टिक के उपयोग को कम करने तथा उसके पुनर्चक्रण (रीसाइक्लिंग) के महत्व के बारे में भी जानकारी दी जा रही है।
ग्रामीण क्षेत्रों में नारा लेखन, चित्रकला, चैपाल, रैली, वार्डवार बैठक एवं घर-घर संपर्क जैसे विभिन्न माध्यमों से लोगों को स्वच्छता और अपशिष्ट प्रबंधन के प्रति जागरूक किया जा रहा है। स्वच्छता ग्राही ग्रामीणों को खुले में कचरा नहीं फेंकने, प्लास्टिक नहीं जलाने तथा प्लास्टिक कचरे को नालियों, तालाबों एवं नदियों में नहीं डालने के लिए प्रेरित कर रहे हैं।
मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अभिषेक अग्रवाल ने कहा कि प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है कि वह कचरे को अलग-अलग श्रेणियों में रखे तथा उसका उचित स्थान पर निपटान सुनिश्चित करे। इससे न केवल पर्यावरण संरक्षण होगा, बल्कि स्वच्छ और स्वस्थ गांवों के निर्माण में भी मदद मिलेगी।

*कचरा संग्रहण होगा आसान*

जिला समन्वयक श्री संजय सोनी ने जनपद पंचायत लोहारा के ग्राम पंचायत बिरेंद्रनगर, अचनाकपुर एवं हथलेवा में आयोजित बैठकों को संबोधित करते हुए कहा कि जिले की सभी ग्राम पंचायतों में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 के तहत स्वच्छता ग्राही दीदियां एवं पंचायत प्रतिनिधि सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि कचरे को चार अलग-अलग श्रेणियों में विभाजित करने से उसके संग्रहण, परिवहन एवं निपटान की प्रक्रिया अधिक सरल और प्रभावी होगी।
उन्होंने कहा कि जनसहभागिता के बिना इस अभियान की सफलता संभव नहीं है। ग्रामीणों के सहयोग और जागरूकता से ही स्वच्छ, सुंदर एवं पर्यावरण-अनुकूल गांवों का निर्माण किया जा सकेगा।

Manoj Mishra

Editor in Chief

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