घी खाना किसे नहीं पसंद है. हर कोई इसे पसंद करता है और इसकी कीमत भी काफी है, साथ ही साथ पूजा पाठ से लेकर स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद होता है. लेकिन जितने चाव से लोग घी खाते हैं उसे बनाने में उतना ही मशक्कत करना पड़ती है. आज हम आपको बताएंगे कि महिलाएं घरेलू तरीके से घी कैसे तैयार करती हैं.
घी बनाने का देसी तरीका
दरअसल, घी दूध से बनता है. इसे बनाने के लिए सबसे पहले दूध के ऊपर जमने वाली मलाई को इकट्ठा किया जाता है. इस मलाई को ठंडे स्थान पर चार-पांच दिन तक, और जरूरत हो तो एक सप्ताह तक भी स्टोर किया जा सकता है. गर्मी के मौसम में तीन-चार दिन रखना पर्याप्त होता है. इसके बाद इस मलाई को किसी बर्तन में डालकर हाथ से मथा जाता है, जिससे उसका पानी वाला हिस्सा अलग हो जाता है और ऊपर मक्खन निकल आता है. फिर इस मक्खन को धीमी आंच पर पकाया जाता है. अच्छी तरह पकने के बाद जब मक्खन से खुशबू आने लगे और तलछट अलग हो जाए, तो शुद्ध घी तैयार हो जाता है.
हालांकि, इस बीच दूध की मलाई को मठ यानी की मेल्ट करने की जो प्रक्रिया है वह थोड़ी लंबी होती है. क्योंकि हाथों से उसको बहुत देर तक मेल्ट करना पड़ता है जब उसके अंदर पानी छूट जाएं. वैसे तो मैथिली भाषा में घोर कहते हैं लेकिन आमतौर पर लोग इसे छाछ कहते हैं. उसमें जलजीरा या नमक डालकर पीते हैं वो काफी स्वादिष्ट होता है. मक्खन निकालना बड़ा मुश्किल होता है आधे घंटे, एक घंटे तक हाथों की कसरत फिर उसको पकाने के बाद उसमें से थोड़ा घी तैयार होता जो किसी डिब्बे में स्टोर करते हैं.आसान टिप्स समझिए
हालांकि अब लोग आसान वाली टिप्स भी इस्तेमाल करते हैं. दूध की मलाई को मिक्सर जार की सहायता से मेल्ट करते हैं जिससे घंटों मेहनत का काम 5 मिनट में हो जाता है. बाकी आगे का प्रोसेस सेम है. घी रोटी के साथ खाना या तड़का लगाने में पसंद किया जाता है. दूध, दही, मक्खन, मिठाई से भी ज्यादा महंगी बिकती है घी जिसका कारण है.





