नींबू हर घर में यूज होता है. चाहे नींबू पानी बनाना हो, सलाद में डालना हो, चाट पर निचोड़ना हो या फिर किसी सब्जी में खट्टा स्वाद लाना हो, नींबू के बिना सब अधूरा है. यही वजह है कि लोग चाहते हैं कि उनके घर पर हमेशा ताजे नींबू मिल जाएं. लेकिन, कई बार पौधे लग नहीं पाने के कारण ज्यादातार लोगों को बाजार से ही नींबू खरीदने पड़ते हैं. ऐसे में अगर आप चाहें तो घर पर बेहिसाब नींबू उगा सकते हैं. इसके लिए पौधे में एक चमत्कारी खाद डालनी होगी. इसके बाद आपका पौधा नींबू से लदा रहेगा.
जब जरूरत हो ताजा नींबू तोड़कर इस्तेमाल कर सकते हैं. दरअसल, कई बार लोग घर में नींबू का पौधा लगाते हैं, लेकिन फल नहीं आते. लोग निराश हो जाते हैं. ऐसे में अगर आप चाहते हैं कि आपके पौधे में नींबू लगे तो कृषि वैज्ञानिक की इस बात का खास ध्यान रखना जरूरी है. इससे आप देखेंगे कि कैसे सीजन में आपके छोटे पौधे भी नींबू से लद जाएंगे. पौधों के नीचे मछली के अवशेषों को दबाने से उन्हें बढ़ने के लिए अच्छे पोषक तत्व मिलते हैं, जिससे सामान्य से भी बड़े नींबू हो जाते हैं.
मछली के धीरे-धीरे सड़ने और विघटित होने पर, यह पौधों की वृद्धि के लिए तीन आवश्यक पोषक तत्व छोड़ती है: नाइट्रोजन, फास्फोरस और पोटेशियम. यदि आप पूरी मछली का उपयोग कर रहे हैं, तो आपको कैल्शियम, मैग्नीशियम और अन्य पोषक तत्वों के सूक्ष्म स्रोत भी मिलेंगे. मछली को जमीन में गहराई तक दबाने का सबसे बड़ा फायदा यह है कि इससे निकलने वाले पोषक तत्व और खनिज पौधे की सतह पर ही नहीं, बल्कि मिट्टी और जड़ों में जमा हो जाते हैं. इसका मतलब है कि यह उर्वरक कहीं अधिक प्रभावी हो सकता है.
अन्य फलों में के पौधों पर कैसा प्रभाव?
आगे बताया, अन्य फलों के पेड़ों के लिए बहुत कारगर होता है, जबकि कई सब्जियों के पौधे छोटे होते हैं और उन्हें उतनी पोषण की आवश्यकता नहीं होती है. खट्टे फलों के पेड़ों को मिट्टी में बहुत सारे पोषक तत्वों और खनिजों की आवश्यकता होती है. नींबू के पेड़ के नीचे एक मरी हुई मछली को दफनाने से मिट्टी सभी अच्छे पोषक तत्वों को अवशोषित कर लेगी और उन्हें जड़ प्रणाली के माध्यम से पहुंचाएगी, जिससे आपको एक स्वस्थ और खुशहाल पेड़ मिलेगा. जिन पौधों की जड़ें सबसे गहरी होती हैं, वे दबी हुई मृत मछलियों के साथ बहुत अच्छा प्रदर्शन करते हैं.
मछली को ऐसे गाड़ें
नींबू के पेड़ के नीचे मछली (मछली के अवशेष/वेस्ट) गाड़ना एक बेहतरीन ऑर्गेनिक खाद है. यह नींबू के पेड़ों को आवश्यक नाइट्रोजन, फॉस्फोरस, कैल्शियम और अन्य खनिजों की आपूर्ति करता है, जिससे जड़ें मजबूत होती हैं और फलों की वृद्धि में मदद मिलती है. यह एक पुरानी और प्रभावी तकनीक है, खासकर नींबू जैसे खट्टे फलों के पेड़ों के लिए. मछली को कम से कम एक से दो फीट गहरी मिट्टी में गाड़ें, ताकि गंध या जानवरों कुत्ते-बिल्लियों को इससे कोई परेशानी न हो.
इन बातों का रखें ध्यान
मछली को सीधे जड़ के पास न दबाकर पेड़ के चारों ओर थोड़ा दूर (ड्रिप लाइन के पास) गाड़ना सबसे अच्छा होता है. छोटे पेड़ के लिए 1-2 मछलियां काफी हैं. एक साथ बहुत ज्यादा मछली न गाड़ें. यह प्रक्रिया कभी भी की जा सकती है, लेकिन नए पौध लगाते समय या गर्मियों से पहले यह ज्यादा फायदेमंद होती है. यह मिट्टी की संरचना में सुधार करता है, जल निकासी को बेहतर बनाता है और पोषक तत्वों की भरपाई करता है, जिससे पेड़ स्वस्थ और उत्पादक बनता है.





