छत्तीसगढ़ की रसोई अपने देसी स्वाद और पारंपरिक तरीकों के लिए जानी जाती है. यहां बनाए जाने वाले अचार सिर्फ खाने का स्वाद नहीं बढ़ाते, बल्कि सेहत का भी ख्याल रखते हैं. बिलासपुर में रहने वाली गृहिणी भाग्यवती ने नींबू अचार बनाने की एक ऐसी छत्तीसगढ़िया रेसिपी साझा की है, जो स्वाद में खट्टी-तीखी होने के साथ लंबे समय तक खराब भी नहीं होती. सरसों के तेल और देसी मसालों से बना यह अचार रोटी और चावल के साथ खाने पर भोजन का मजा दोगुना कर देता है.
कटाई और मसालों की तैयारी
उबले हुए नींबू को छानकर ठंडा किया जाता है और फिर प्रत्येक नींबू को 8 टुकड़ों में बारीक काटा जाता है. कटे हुए नींबू में 200 ग्राम नमक, हल्दी पाउडर, मिर्च पाउडर, गरम मसाला, धनिया पत्ती और करीब 700 ग्राम अचार मसाला डाला जाता है.
सरसों के तेल से आता है असली स्वाद
इसके बाद सरसों के तेल को अच्छी तरह गरम कर सभी मसालों और नींबू में मिलाया जाता है। मिश्रण को लगभग 10 मिनट तक ऐसे ही छोड़ दिया जाता है, ताकि मसाले नींबू में अच्छी तरह समा जाएं.
अचार को ऐसे करें स्टोर
मिश्रण तैयार होने के बाद अचार को एक साफ और सूखे डिब्बे में भर दिया जाता है. ऊपर से थोड़ा सा गरम सरसों का तेल डालकर डिब्बे को अच्छी तरह बंद कर दिया जाता है. इसे ठंडी और सूखी जगह पर रख दिया जाता है.
एक हफ्ते में तैयार, स्वाद लाजवाब
भाग्यवती के अनुसार, यह नींबू अचार एक सप्ताह में पूरी तरह तैयार हो जाता है. इसके बाद इसे रोटी, पराठे या चावल के साथ बड़े चाव से खाया जा सकता है. यह अचार स्वाद के साथ-साथ पाचन के लिए भी फायदेमंद माना जाता है





