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24 घंटे निगरानी, हाईटेक व्यवस्था, सुरक्षाबल के जवानों को नक्सलियों के गढ़ में बड़ी सफलता, ऑपरेशन कैंप की शुरुआत

बीजापुर जिले में सुरक्षाबल के जवानों ने एक नए कैंप की स्थापना की है। यह कैंप सुरक्षा के नजारिए से अहम माना जा रहा है। 13 दिसंबर को इस कैंप का शुभारंभ किया गया है। यह इलाका नक्सलियों का गढ़ है।सुरक्षाबल के जवानों को एक और सफलता मिली है। नक्सल प्रभावित इलाके में सुरक्षाबल के जवानों ने एक नया कैंप स्थापित किया है। नए कैंप की स्थापना से इलाके में फोर्स का दबदबा बढ़ेगा। इसके साथ ही माओवादी गतिविधियों पर भी निगरानी हो सकेगी। 13 दिबंसर को इस कैंप का शुभारंभ किया गया है। केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल की टीम ने इस कैंप की स्थापना की है।बासागुड़ा थाना क्षेत्र के कमलापुर में कैंप की स्थापना की है। यहां के मुरूडबाका, तुमरेल, पावरगुड़ा, रेखापल्ली और आसपास के इलाके लंबे समय से नक्सल हिंसा से प्रभावित हैं। ऐसे में सुरक्षाबल के जवानों ने इलाके में शांति और विकास के लिए नए कैंप की स्थापना की है। अधिकारियों ने बताया कि कैंप की स्थापना विपरीत परिस्थितियों में की गई है।

अधिकारियों ने बताया कि सीआरपीएफ की 229वीं बटालियन ने कमलापुर में नए ऑपरेशन कैंप की स्थापना की गई। इस कैंप का उद्घाटन 13 दिसंबर 2025 को बीजापुर रेंज के पुलिस उप महानिरीक्षक बीएस नेगी ने किया है।

हाईटेक है जवानों का यह कैंप

अधिकारियों ने बताया कि सुरक्षा की दृष्टि से यह ऑपरेशन कैंप कफाी अहम है। उन्होंने कहा कि तीन स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था से लैस है। कैंप और आसपास के इलाकों में सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन के माध्यम से 24 घंटे निगरानी की जा रही है। जवान हर वक्त तैनात हैं। इस कैंप का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में शांति और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना है। इसके साथ ही नक्सल गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना है। कैंप की स्थापना से ग्रामीणों में सुरक्षा की भावना बढ़ी है और वे अब विकास कार्यों में खुलकर भाग ले सकेंगे।सुरक्षाबल के जवानों नक्सल विरोधी अभियान के साथ-साथ ग्रामीणों से लगातार संवाद कर रहे हैं। सुरक्षाबल के जवानों ग्रामीणों से अपील कर रहे हैं नक्सलियों का समर्थन नहीं करें। नक्सलवाद से जुड़ी किसी तरह की जानकारी मिलने पर पुलिस को सूचना दें। बता दें कि बीजापुर में सुरक्षाबल के जवानों नक्सलियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रहे हैं जिससे नक्सली संगठन कमजोर हो रहे हैं।

Manoj Mishra

Editor in Chief

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