देश दुनिया

25 कांग्रेस नेताओं के हत्यारे को एनकाउंटर का खौफ, 10 साथियों के साथ जवानों के सामने किया सरेंडर, 65 लाख था इनाम

जगदलपुरः छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित सुकमा जिले में सुरक्षाबलों को सबसे बड़ी सफलता मिली है। जिले में लंबे समय से सक्रिय 25 लाख रुपए के इनामी नक्सली चैतू उर्फ श्याम दादा ने शुक्रवार को पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। चैतू दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी का सदस्य था। उसके ऊपर सरकार ने 25 लाख रुपए का इनाम था। उसके साथ 9 अन्य माओवादियों ने भी हथियार डाल दिए। इन सभी पर कुल 65 लाख रुपए का इनाम घोषित था।मास्टरमाइंड माना जाता है। उस हमले में छत्तीसगढ़ कांग्रेस के कई बड़े नेता मारे गए थे। लंबे समय तक वह दरभा डिवीजन का प्रभारी भी रहा। लाखों के ईनामी नक्सली ने एनकाउंटर के खौफ के चलते सरेंडर कर दिया है।

40 लाख के ईनामी नक्सलियों का सरेंडर

आत्मसमर्पण करने वाले दूसरे नक्सलियों में सरोज उर्फ डीसीवीएम शामिल है। उस पर आठ लाख रुपए का इनाम था। बाकी आठ नक्सली एरिया कमेटी मेंबर हैं। इनके नाम भूपेश उर्फ सहायक राम, प्रकाश, कमलेश उर्फ झिटरू, जननी उर्फ रयमती कश्यप, संतोष उर्फ सन्नू, नवीन, रमशीला और जयती कश्यप हैं।

लीडरों के समर्पण से टूट रहा मनोबल

पुलिस का कहना है कि जवानों के लगातार एंटी-नक्सल ऑपरेशन, बड़े-बड़े माओवादी नेताओं का सरेंडर और राज्य सरकार की पुनर्वास नीति और लगातार अपील से ये नक्सली प्रभावित हुए। पिछले कुछ महीनों में कई सीनियर नक्सली हथियार डाल चुके हैं, जिससे संगठन का मनोबल टूटा और दबाव काफी बढ़ गया था।

सरेंडर के साथ सौंपे हथियार

सभी नक्सलियों ने पुलिस को  , पिस्तौल, विस्फोटक और गोला-बारूद सौंप दिए। छत्तीसगढ़ सरकार की सरेंडर नीति के तहत इन सभी को सुरक्षा, रहने की व्यवस्था और आर्थिक मदद दी जाएगी।आईजी ने बताया कि चैतू जैसे   का आत्मसमर्पण बस्तर में शांति की दिशा में बहुत बड़ी सफलता है। इस साल अब तक 150 से ज्यादा नक्सली या तो मारे जा चुके हैं या सरेंडर कर चुके हैं। आने वाले दिनों में और नक्सलियों के हथियार डालने की उम्मीद है। बस्तर में अब शांति की राह साफ दिखाई दे रही है।

Manoj Mishra

Editor in Chief

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button