छत्तीसगढ़

कबीरधाम जिले में बाल विवाह रोकथाम को लेकर व्यापक अभियान, ली शपथ

बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान के तहत सहसपुर लोहारा में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

कबीरधाम जिले में बाल विवाह रोकथाम को लेकर व्यापक अभियान, ली शपथ

कवर्धा,  नवंबर 2025। कलेक्टर श्री गोपाल वर्मा के निर्देश पर महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा जिले में बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान को प्रभावी रूप से संचालित किया जा रहा है। इसी क्रम में जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री आनंद तिवारी के मार्गदर्शन में एकीकृत बाल विकास सेवा परियोजना सहसपुर लोहारा द्वारा जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। कार्यक्रमों में प्रशासनिक अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, विभागीय कर्मचारियों तथा समुदाय के हितग्राहियों की सक्रिय भागीदारी रही। कार्यक्रम के दौरान अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) श्रीमती शिल्पा देवांगन ने विकासखंड स्तरीय अधिकारियों, पर्यवेक्षकों, पंचायत सचिवों, रोजगार सहायकों, शिक्षकों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं अन्य उपस्थित जनों को बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान की महत्वता से अवगत कराया एवं बाल विवाह उन्मूलन के लिए सामूहिक शपथ दिलाई। उन्होंने कहा कि बाल विवाह न केवल बच्चों के अधिकारों का उल्लंघन है, बल्कि उनके स्वास्थ्य, शिक्षा एवं भविष्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव डालता है। अतः समाज के सभी वर्गों की संयुक्त जिम्मेदारी है कि बाल विवाह को हर स्तर पर रोका जाए।
परियोजना अधिकारी सुश्री रीना ठाकुर द्वारा बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, 2006 के महत्वपूर्ण प्रावधानों की जानकारी विस्तारपूर्वक दी गई। उन्होंने बताया कि कानून के तहत विवाह की न्यूनतम आयु से कम आयु के बच्चों का विवाह दंडनीय अपराध है तथा इसकी रोकथाम के लिए प्रत्येक व्यक्ति की भूमिका महत्वपूर्ण है। अभियान के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए परियोजना अधिकारी एवं विभागीय कर्मचारियों द्वारा स्कूल, बैंक, दुकान, छात्रावास, सरकारी कार्यालय सहित अन्य सार्वजनिक स्थलों पर “बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़” अभियान के स्टीकर लगाए गए। इस दौरान नगर पंचायत अध्यक्ष श्री संतोष मिश्रा, जनप्रतिनिधि एवं विभागीय कर्मचारी उपस्थित थे। नगर पंचायत अध्यक्ष ने भी अभियान के उद्देश्य की जानकारी देते हुए समाज में अधिक से अधिक लोगों को जागरूक करने का आग्रह किया गया। इसके साथ ही ग्राम पंचायत स्तर पर भी समय-समय पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, जिनमें ग्रामीणों को बाल विवाह के दुष्परिणाम, कानूनी प्रावधान एवं बाल अधिकारों की जानकारी दी जा रही है। महिला एवं बाल विकास विभाग ने सभी नागरिकों से अपील की है कि बाल विवाह की किसी भी संभावना या सूचना पर तुरंत संबंधित अधिकारियों को अवगत कराएं, ताकि बच्चों को सुरक्षित, स्वस्थ एवं सम्मानजनक जीवन प्रदान किया जा सके।

Manoj Mishra

Editor in Chief

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