पवित्र तुलसी का पौधा हर भारतीय घर में होता है। इसे पूजनीय माना जाता है और सकारात्मक ऊर्जा का स्रोत भी है। इसके अलावा औषधीय गुणों की वजह से भी तुलसी के पौधे की खास पहचान है। लेकिन अक्सर सर्दी या अन्य कारणों से सूखने लगता है, जिससे निराशा होती है।तो अब आप बिल्कुल भी घबराइए नहीं। दरअसल गार्डनिंग एक्सपर्ट ने कुछ बेहद आसान और किफायती तरीके बताए हैं। जिनकी मदद से आप अपनी तुलसी को हमेशा हरा-भरा और घना रख सकते हैं। यहां आपको 2 रुपये वाली खाद इस्तमेाल करना है तो कुछ बातों का ध्यान रखना है।तुलसी के पौधे को तुरंत पोषण और हरियाली देने का सबसे आसान और सस्ता तरीका है। आपको सिर्फ 2 रुपए वाला पानी पाउच चाहिए, जो आप किसी भी ब्रांड का ले सकते हैं। इसके अलावा आधा चम्मच एप्सम सॉल्ट चाहिए। अब एक आधा लीटर पानी में कॉफी पाउडर और आधा चम्मच एप्सम सॉल्ट डालकर अच्छी तरह मिला लें। इस आपका बेहतरीन लिक्विड फर्टिलाइजर तैयार हो जाएगा।जो पत्तों को हरा-भरा रखने में मदद करता है। आप इस फर्टिलाइजर को दो महीने में एक बार दे सकते हैं चाहें तो वर्मीकंपोस्ट का लिक्विड फर्टिलाइजर भी डाल सकते हैं।उसकी नियमित देखभाल बहुत जरूरी है। खासकर उसकी मंजरी को हटा देना चाहिए, क्योंकि मंजरी पौधे की ऊर्जा को अपनी ओर खींचती है, जिससे पत्तों का विकास रुक जाता है। समय-समय पर मंजरियों को हटाने से पौधे की ऊर्जा नई पत्तियों और टहनियों को विकसित करने में लगती है, जिससे पौधा घना हो जाता है।
वहीं पौधा किसी एक तरफ झुक रहा है, तो उसे सीधा रखने के लिए लकड़ी की मदद से सहारा दें। सर्दी के मौसम में पौधे की कोई भी कटिंग या प्रूनिंग नहीं ना करें।तुलसी का पौधा बहुत ज्यादा ठंड और ओस के बर्दाश्त नहीं कर पाता है। आप सर्दी के मौसम में पौधे को ऐसी जगह पर रखें, जहां शेड है। हालांकि पौधे को धूप भी मिलते रहे इस बात का भी ध्यान रखें। ओस की बूंदें पौधे को नुकसान पहुंचा सकती हैं और पत्तियों को झुलसा सकती हैं। शेड में रखने से पौधा ठंडी हवा के सीधे झोंकों से भी बचा रहता है, जो उसे सूखने से रोकने में मदद करता है।
तुलसी के पौधे के सूखने का कारण अधिक पानी देना या गलत समय पर पानी देना हो सकता है। तो गार्डनिंग एक्सपर्ट की टिप्स है कि सर्दी के मौसम में पौधे को जरूरत पर ही पानी दें। यानी कि जब गमले की मिट्टी सूखी हो तब ही पानी दें। ज्यादा पानी देने से जड़ें गलने लगती हैं, जिसे रूट रॉट कहा जाता है, आखिरी में पौधा सूख तक जाता है।
डिस्क्लेमर: इस लेख में किए गए दावे यूट्यूब वीडियो और इंटरनेट पर मिली जानकारी पर आधारित हैं। जगन्नाथ डॉट कॉम इसकी सत्यता और सटीकता जिम्मेदारी नहीं लेता है





