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900KM लंबी रेल लाइन से 7 राज्यों की होगी मौज, 510 गांवों की कनेक्टिविटी होगी मजबूत New Railways Line

भारतीय रेलवे लगातार अपने नेटवर्क को मजबूत कर रहा है और अब इसका अगला कदम देश के गांवों और पिछड़े क्षेत्रों को सीधा रेल नेटवर्क से जोड़ना है. सरकार ने हाल ही में 8 नई महत्वाकांक्षी रेल परियोजनाओं को मंजूरी दी है, जो न सिर्फ राज्यों को जोड़ेगी. बल्कि 510 गांवों को पहली बार रेल सेवा से जोड़ने जा रही है. यह कदम ग्रामीण भारत की तस्वीर बदलने वाला साबित हो सकता है.

40 लाख लोगों को मिलेगा रेल सफर का लाभ

इन नई रेल परियोजनाओं के जरिए करीब 40 लाख लोगों को सीधा फायदा होगा. अब तक जिन इलाकों में रेलवे की पहुंच नहीं थी. वहां भी लोग ट्रेन से सफर कर सकेंगे. खास बात यह है कि इन इलाकों के लोग अब बाजार, स्कूल, अस्पताल और सरकारी दफ्तरों तक आसानी से पहुंच सकेंगे. इससे न केवल लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी आसान होगी. बल्कि सामाजिक और आर्थिक विकास को भी नई रफ्तार मिलेगी.

510 गांव होंगे रेल नेटवर्क से सीधे जुड़े

इन परियोजनाओं का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि लगभग 510 गांवों को पहली बार रेलवे की सीधी कनेक्टिविटी मिलेगी. इससे इन गांवों के लोग बड़े शहरों से जुड़ सकेंगे. व्यापार कर सकेंगे और बेहतर जीवन सुविधाओं तक पहुंच बना सकेंगे. पहले जहां सड़क मार्ग ही एकमात्र विकल्प था. अब वहां रेलवे का विकल्प भी मौजूद रहेगा.

 

64 नए रेलवे स्टेशन होंगे तैयार

इस परियोजना के अंतर्गत 900 किलोमीटर लंबी नई रेलवे लाइन का निर्माण होगा. जिसमें 64 नए रेलवे स्टेशनों का निर्माण किया जाएगा. ये स्टेशन छोटे-छोटे गांवों और कस्बों के पास होंगे. जिससे वहां के स्थानीय लोगों को बहुत राहत मिलेगी. इन स्टेशनों के बनने से छोटे व्यापारी, किसान, छात्र और बुजुर्गों को यात्रा में आसानी होगी.

14 जिलों और 7 राज्यों को जोड़ेगी परियोजना

यह मेगा प्रोजेक्ट ओडिशा, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, झारखंड, बिहार, तेलंगाना और पश्चिम बंगाल के 14 जिलों में फैला होगा. यह राज्य आपस में कनेक्ट होंगे. जिससे क्षेत्रीय व्यापार, पर्यटन और आवागमन को बढ़ावा मिलेगा. इन राज्यों के ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों की संभावनाएं भी इससे तेजी से बढ़ेंगी.

जमीन अधिग्रहण से किसानों को मिलेगा मुआवजा

इन रेल लाइनों के निर्माण के लिए बड़ी मात्रा में जमीन की आवश्यकता होगी. इस प्रक्रिया में किसानों की भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा. लेकिन सरकार इसके बदले उन्हें उचित मुआवजा राशि देगी. कई मामलों में यह राशि लाखों रुपये तक पहुंच सकती है. जिससे किसानों को आर्थिक मजबूती भी मिलेगी.

रोजगार के नए अवसर खुलेंगे

रेल परियोजनाओं के निर्माण के दौरान और उसके बाद भी स्थानीय लोगों के लिए सीधे और परोक्ष रूप से रोजगार के अवसर पैदा होंगे. निर्माण कार्य में मजदूरों की जरूरत होगी. वहीं स्टेशनों के आसपास होटल, दुकानें, रेस्तरां खुलेंगे. इन जगहों पर स्थानीय युवाओं को काम मिलेगा. जिससे ग्रामीण बेरोजगारी पर लगाम लगेगी.

स्थानीय बाजारों को मिलेगा बढ़ावा

नई रेलवे लाइन का सबसे बड़ा फायदा किसानों और व्यापारियों को मिलेगा. अब वे अपने कृषि उत्पाद आसानी से शहरों तक पहुंचा सकेंगे. जिससे उन्हें बेहतर दाम मिल पाएगा. ट्रांसपोर्ट लागत कम होगी और माल ढुलाई आसान हो जाएगी. इससे गांवों की आर्थिक स्थिति में सुधार होगा और कृषि आधारित अर्थव्यवस्था को नई दिशा मिलेगी.

ट्रेनों की सुविधा से आम लोगों को राहत

इस परियोजना के अंतर्गत मालगाड़ियां, एक्सप्रेस ट्रेनें और लोकल पैसेंजर ट्रेनों को भी शामिल किया जाएगा. इससे लोगों को सस्ती और तेज यात्रा का विकल्प मिलेगा. विद्यार्थी, नौकरीपेशा लोग और कारोबारी आसानी से एक जगह से दूसरी जगह यात्रा कर सकेंगे.

2030-31 तक पूरा होगा यह बड़ा रेल प्रोजेक्ट

सरकार का लक्ष्य है कि यह पूरा रेल नेटवर्क वित्तीय वर्ष 2030-31 तक बनकर तैयार हो जाए. यानी आने वाले कुछ सालों में ही देश के हजारों गांवों में रेलवे की सीटी गूंजने लगेगी. इस लक्ष्य के तहत निर्माण कार्यों को तेजी से शुरू करने की योजना बनाई गई है.

 

Manoj Mishra

Editor in Chief

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