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डायबिटीज का काल है ये पौधा, चुटकी बजाते चर्म रोग भी करे ठीक; फूल-पत्ती के साथ छाल भी फायदेमंद

हजारीबाग. टेसू यापलाश का फूल झारखंड और उत्तर प्रदेश का राजकीय पुष्प है. गर्मी के आगमन के साथ ही पलाश के फूल खिलने लगते हैं. इसे जंगल का आग भी कहा जाता है. पलाश को भारतीय डाकघर के डाक टिकट पर प्रकाशित कर सम्मानित किया जा चुका है. हिंदू धर्म में पलाश को भगवान ब्रह्मा, विष्णु और महेश का निवास स्थान माना जाता है. इसके अलावा पलाश के आयुर्वेदिक इस्तेमाल हैं, जिसके माध्यम से कई बीमारियों का निवारण होता है.इस संबंध में हजारीबाग के आयुष विभाग के डॉक्टर मकरंद कुमार मिश्रा (BAMS, अनुभव 24 वर्ष) बताते हैं कि पलाश जितना देखने मेंआकर्षित करता है. उससे अधिक इसके आयुर्वेदिक फायदे हैं. पलाश में एसट्रिनजेंट और एंटी ऑक्सीडेंट गुण पाए जाते हैं. इसका प्रयोग वात रोगों से लड़ने के लिए सबसे कारगार है. इसके अलावा चर्म रोग, पेट में कीड़ा, डायबिटीज, घाव को भरने में काफी फायदेमंद है.चर्म रोग भी करे ठीक
डॉक्टर ने बताया कि इसके फूल के अलावा पत्ते और छाल में भी कई गुण पाए जाते हैं. इसके सेवन करने के अलग अलग तरीके हैं. अगर किसी के पेट में कीड़े हो गए हैं तो इसके पाउडर को शहद के साथ खाली पेट सेवन करना चाहिए. इसके अलावा घाव भरने के लिए पत्ते और छाल को पीसकर लेप बनाकर घाव पर लगाना चाहिए. पलाश के पत्तों के रस का सेवन करने से डायबिटीज से राहत मिलती है. स्किन से जुड़ी हुई समस्या में इसके फूलों का लेप बनाकर लगाना चाहिए. इसका पेस्ट खुजली और रूखेपन की समस्या को भी ठीक करने में कारगर है. इसमें मौजूद एसट्रिनजेंट गुण त्वचा के लिए बेहद फायदेमंद हैं.

Manoj Mishra

Editor in Chief

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