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26 साल की उम्र में क्रैक किया UPSC, जानें किस सब्जेक्ट में कितने नंबर और

यूपीएससी की सिविल सर्विसेस एग्जाम को क्रैक करने के लिए कैंडिडेट्स को सिर्फ ज्यादा घंटे पढ़ाई करने की ही जरुरत नहीं होती है, बल्कि एक स्मार्ट प्लानिंग, दृढ़ निश्चय और अनुशासन के साथ लगातार तैयारी करने की जरुरत होती है। हर उस उम्मीदवार की अपनी कहानी होती है, जो इस कठिन एग्जाम को क्रैक करता है। एक ऐसी ही कहानी है आईपीएस गौरव त्रिपाठी की, जिन्होंने महज 26 साल की उम्र में यूपीएससी का एग्जाम क्रैक कर युवाओं के बीच एक मिसाल कायम कर दिया है। हालांकि उनके लिए यूपीएससी का सफर आसान नहीं था। इसके लिए उन्होंने कई बार असफलताओं का भी सामना किया। जीवन में कई उतार चढ़ाव भी देखें, लेकिन वो अपने लक्ष्य से डटे रहे। चलिए आज सक्सेस स्टोरी में बात आईपीएस गौरव त्रिपाठी की होगी।

कौन हैं गौरव त्रिपाठी

गौरव त्रिपाठी का जन्म उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में हुआ था। उनकी शुरुआती पढ़ाई-लिखाई गोरखपुर में ही हुई। इसके बाद उन्होंने आइआईटी रुड़की से बीटेक किया। अपने बीटेक के दिनों में ही उन्होंने इंजीनियरिंग की बजाए सिविल सर्विसेज की दुनिया में जाने का फैसला किया। खासकर उन्हें वर्दी पहनने का भी काफी शौक रहा है। वर्दी पहनने की प्रेरणा अपने पिता और रिश्तेदारों से मिली। क्योंकि उनके पिता एक आर्मी अफसर थे, जो 2001 में रिटायर हुए।एक इंटरव्यू में बताते हैं कि उनकी लाइफ में काफी उतार-चढ़ाव हुए। लेकिन वो उससे हताश नहीं हुए और हार नहीं मानी। उन्होंने बताया कि वो एक बार 2020 में पीसीएस में सेलेक्शन हुआ, लेकिन उन्होंने ज्वॉइन नहीं किया। वहीं, इसके बाद इसी परीक्षा में असलता भी हाथ लगी।

यूपीएससी में कितनी रैंक आई

बता दें कि यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2022 में ऑल इंडिया 226 रैंक हासिल की। उन्होंने हिंदी मीडियम से यह परीक्षा को क्रैक किया है। उन्होंने यूपीएससी सिविल सेवा के लिए ऑनलाइन कोचिंग भी ज्वाइन की थी।

किस सब्जेक्ट में कितने नंबर

गौरव त्रिपाठी ने निबंध में 131, जीएस में 394, हिंदी साहित्य में 263 और इंटरव्यू में 190 नंबर। कुल मिलाकर 978 नंबर है। वहीं, मेंस में मेंस में 788 नंबर हैं। बता दें कि अगर यह नंबर 1000 होता, तो उन्हें आईएएस मिलता। फिलहाल, वो आईपीएस बने हैं।

पढ़ाई के अलावा इन चीजों का शौक

एक इंटरव्यू में गौरव बताते हैं कि वह किताबी कीड़ा कभी नहीं रहे। व्लॉग बनाते थे, उन्हें तैराकी और संगीत का भी शौक है। चेस गेम में भी मास्टर थे। इसके अलावा वो यूट्यूब चैनल पर यूपीएससी हिंदी4 सीएस नाम का यूट्यूब चैनल भी चलाते हैं। इन सब के बीच वो यूपीएससी की तैयारी के लिए 6 से 7 घंटे की पढ़ाई करते थे। इतना ही नहीं उन्होंने बीच में अपना स्टार्टअप भी शुरू किया था।

2 बार दे चुके थे इंटरव्यू

इससे पहले वो 3 बार यूपीएससी क्रैक करने में असफल रहे थे। गौरव त्रिपाठी दो बार इंटरव्यू राउंड तक पहुंचे। लेकिन उनका फाइनल सेलेक्शन नहीं हो सका। लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और आखिरकार तीसरे प्रयास में सफलता का परचम लहराया।

कैसे की तैयारी

हिंदी मीडियम का होने के चलते स्टडी मैटेरियल की कमी जैसी मुश्किलों का भी सामना करना पड़ा। तैयारी के लिए एनसीईआरटी (NCERT) की किताबें इकट्ठा करना शुरू किया और एक संपूर्ण यूपीएससी की तैयारी का शेड्यूल बनाया। लेकिन वो पढ़ाई के वक्त पूरी तरह पढ़ाई करते थे।

इंटरव्यू नहीं बल्कि पर्सनालिटी टेस्ट होता है

यूपीएससी इंटरव्यू के बारे में वो बताते हैं कि वो एक इंटरव्यू नहीं बल्कि पर्सनालिटी टेस्ट होता है। वहां ये सब बिल्कुल नहीं पूछा जाता कि आप ये पेन बेचकर दिखाओ, या फिर आते वक्त कितने रेलवे स्टेशन पड़े या आपके शर्ट में कितने बटन होते हैं। वहां ये देखा जाता है कि आपका थॉट प्रॉसेस क्लियर है या नहीं।

Manoj Mishra

Editor in Chief

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