*ग्रामीण विकास की नई शुरुआत-विकसित भारत जी-राम-जी योजना का राज्य स्तरीय शुभारंभ*
*अब 125 दिनों का गारंटीशुदा रोजगार, मजदूरी बढ़कर हुई 300 रुपये प्रतिदिन और 7 दिन में भुगतान*
*उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा मुख्य अतिथि के रूप में होंगे शामिल, बोड़ला के गंडईखुर्द से होगा शुभारंभ*
*महात्मा गांधी नरेगा के स्थान पर नया कानून जी राम जी होगा प्रतिस्थापित*
कवर्धा जुलाई 2026। विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन ग्रामीण (वीबी जी राम जी) योजना का राज्य स्तरीय शुभारंभ 2 जुलाई 2026 को जनपद पंचायत बोड़ला की ग्राम पंचायत गंडईखुर्द में प्रातः 10 बजे से किया जाएगा। कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री एवं पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री विजय शर्मा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। योजना का राष्ट्रीय शुभारंभ केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चैहान द्वारा आंध्र प्रदेश के तिरुपति से वर्चुअल माध्यम से किया जाएगा। नई योजना के तहत ग्रामीण परिवारों को मांग आधारित 125 दिनों का रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा। साथ ही समय पर मजदूरी भुगतान, ग्रामीण क्षेत्रों में अधोसंरचना विकास, आजीविका संवर्धन तथा अन्य जनकल्याणकारी प्रावधानों को प्रभावी ढंग से लागू किया जाएगा। इसके साथ ही अकुशल श्रमिकों की दैनिक मजदूरी में भी वृद्धि की है। 1 जुलाई 2026 से अकुशल श्रमिकों की मजदूरी 261 रुपये से बढ़ाकर 300 रुपये प्रतिदिन कर दी गई है, जिससे ग्रामीण श्रमिकों को सीधा लाभ मिलेगा।
इस संबंध में कलेक्टर श्री गोपाल वर्मा ने बताया कि मनरेगा योजना के स्थान पर विकसित भारत जी राम जी-2025 प्रतिस्थापित हो रहा है। नए प्रावधान मुख्य रूप से विकसित भारत 2047 के लिए महत्वपूर्ण है जो विकसित ग्राम से विकसित राष्ट्र की कल्पना को साकार करेगा।125 दिनों के रोजगार से ग्रामीणों को आर्थिक लाभ होगा और अधोसंरचना विकास से आजीविका के नए स्रोत खुलेंगे। मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री अभिषेक अग्रवाल ने बताया कि ग्रामीणों, श्रमिकों, महिलाओं,अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति परिवारों और कमजोर समूह के लिए योजना में नए उपबंध किये गए है। जिसमे समय पर मजदूरी भुगतान, योजना से होने वाले कार्य में पारदर्शिता सहित ग्रामीणों के समग्र विकास पर जोर होगा।
*विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका मिशन ग्रामीण (जी राम जी) की प्रमुख विशेषताएं*
1) प्रत्येक वित्तीय वर्ष में पंजीकृत परिवारों को 100 के बदले 125 दिवस का गारंटीशुदा रोजगार।
2) 7 दिनों में मजदूरी भुगतान की सुविधा ।
3) कार्यों में तेजी लाने प्रशासनिक व्यय की सीमा को 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 9 प्रतिशत किया गया है।
4) विकसित भारत 2047 हेतु राष्ट्रीय दृष्टिकोण के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में विकास के ढांचे को जल संरक्षण, अधोसंरचना विकास, आजीविका संवर्धन और कौशल विकास जैसे कार्य जोड़े जाएंगे।
5) पारदर्शिता को बढ़ावा देने जीआईएस, ई केवाईसी बायोमेट्रिक प्रणाली का उपयोग होगा।





