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किसानों को सब्जियां रखने के लिए मुफ्त प्लास्टिक क्रेट्स बांट रहा उद्यान विभाग, जानिए पाने का तरीका

शाहजहांपुर. सब्जी किसानों के लिए अच्छी खबर है. यूपी के शाहजहांपुर उद्यान विभाग ने सब्जी उत्पादक किसानों की आय बढ़ाने और उनकी उपज को सुरक्षित बाजार तक पहुंचाने के लिए एक सराहनीय कदम उठाया है. जिला उद्यान अधिकारी डॉ. पुनीत कुमार पाठक बताते हैं कि एकीकृत बागवानी विकास मिशन और एससीपी राज्य सेक्टर योजना के अंतर्गत पंजीकृत किसानों को 50 लीटर क्षमता वाली प्लास्टिक क्रेट्स निःशुल्क वितरित की जा रही हैं. यह पहल विशेष रूप से उन किसानों के लिए है जिन्होंने विभाग से उन्नत बीज लिए हैं. किसान क्रेट की मदद से पैदा होने वाली सब्जियों और फलों को बाजार तक सुरक्षित पहुंचा सकते हैं.

डॉ. पुनीत पाठक बताते हैं कि हमारा उद्देश्य किसानों की उपज को खेत से बाजार तक बिना किसी क्षति के पहुंचाना है. एकीकृत बागवानी विकास मिशन के तहत जिन किसानों ने विभाग से बीज लिए हैं, उन्हें अब 50 लीटर क्षमता की प्लास्टिक क्रेट्स दी जा रही हैं. यह क्रेट्स पूरी तरह निःशुल्क है. अलग से किसी दस्तावेज की आवश्यकता नहीं है. लाभार्थियों का पंजीकरण पहले से ही हमारे रिकॉर्ड में है. किसान किसी भी कार्यदिवस पर कार्यालय आकर अपनी क्रेट ले सकते हैं, ताकि वे अपनी सब्जियों को बेहतर ढंग से स्टोर और ट्रांसपोर्ट कर सकें.

पोस्ट हार्वेस्ट क्षति 

सरकार की इस योजना का प्राथमिक लक्ष्य बागवानी फसलों, विशेषकर सब्जियों की ‘पोस्ट-हार्वेस्ट’ क्षति को कम करना है. अक्सर पारंपरिक बोरी या टोकरियों में सब्जियां ले जाने पर दबकर खराब हो जाती हैं, जिससे किसानों को मंडी में सही दाम नहीं मिलता है. प्लास्टिक क्रेट्स के उपयोग से सब्जियों में हवा का संचार बना रहता है और ताजी रहती हैं. इससे किसानों की उपज की गुणवत्ता बनी रहेगी. बेहतर प्रतिस्पर्धात्मक मूल्य मिलते हैं

ये रही वितरण प्रक्रिया

इस योजना का लाभ उन किसानों को दिया जा रहा है जो एकीकृत बागवानी विकास मिशन और अनुसूचित जाति/जनजाति के लिए विशेष योजना से जुड़े हैं. जिन किसानों ने विभाग के माध्यम से सब्जियों के उन्नत बीज लिए थे, उन्हें वरीयता दी जा रही है. वितरण प्रक्रिया को अत्यंत सरल बनाया गया है, इन किसानों की डिटेल विभाग के पास पहले से उपलब्ध है, इसलिए उन्हें बस अपनी उपस्थिति दर्ज कराकर ये क्रेट्स प्राप्त करनी हैं.

इस काम में भी सक्षम

प्लास्टिक क्रेट्स न केवल परिवहन को आसान बनाती हैं, बल्कि एक के ऊपर एक रखी जाने के कारण कम जगह में अधिक माल ले जाने में भी सक्षम हैं. इससे किसानों की परिवहन लागत में कमी आएगी. डॉ. पुनीत पाठक ने अपील की है कि किसान तकनीक और विभाग की ओर से दी जा रही सुविधाओं का अधिकतम लाभ उठाएं, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें.

Manoj Mishra

Editor in Chief

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