प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत किश्त की राशि निकालने के बाद भी घर का निर्माण अधूरा छोड़ने वाले हितग्राहियों पर अब प्रशासन ने कार्रवाई करने की तैयारी शुरू कर दी है।
सोमवार को नगर निगम प्रशासन और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने शहर के विभिन्न वार्डों का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने स्पष्ट कर दिया कि यदि एक सप्ताह के भीतर निर्माण कार्य शुरू नहीं किया गया, तो संबंधित हितग्राहियों के खिलाफ कुर्की और वसूली की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अतिरिक्त तहसीलदार वर्षा तिवारी और नगर निगम के कार्यपालन अभियंता (ईई) अमरेश सिंह की टीम ने केवड़ा बाड़ी बस स्टैंड के पीछे स्थित शिवाजी नगर और मिट्ठू मुड़ा दुर्गा चौक क्षेत्र का दौरा किया। निरीक्षण के दौरान कई ऐसे मामले सामने आए जहां राशि मिलने के बावजूद निर्माण कार्य बंद पड़ा था। अधिकारियों ने मौके पर ही हितग्राहियों को फटकार लगाई और इसे अंतिम चेतावनी करार दिया। नगर निगम क्षेत्र में योजना की शुरुआत से अब तक कुल 2792 आवास स्वीकृत किए गए हैं। इनमें से 2540 मकान पूर्ण हो चुके हैं, लेकिन लगभग 200 मकान ऐसे हैं जो अधर में लटके हैं। शासन के सख्त निर्देशों के बाद निगम अब इन डिफॉल्टर हितग्राहियों से कड़ाई से निपटने की तैयारी में है। निगम के ईई अमरेश लोहिया ने बताया कि पुराने आवासों को शत-प्रतिशत पूर्ण करने के साथ-साथ पीएम आवास 2.0 पर भी काम शुरू हो गया है। रायगढ़ नगर निगम को 1140 नए मकान बनाने का लक्ष्य मिला है, जिसमें ग्रामीण वार्डों को भी शामिल किया गया है। नए लक्ष्य के विरुद्ध अब तक 340 आवेदनों को स्वीकृति मिल चुकी है। लगभग 500 आवेदनों की स्क्रूटनी (जांच) जारी है, जिन्हें जल्द ही स्वीकृति के लिए शासन को भेजा जाएगा।





