आईपीएस अफसर मनीषा नेहरा का ट्रांसफर तेलंगाना कैडर से हरियाणा कैडर में कर दिया गया है। दरअसल 2024 बैच की आईपीएस अधिकारी मनीषा ने आईएफएस (भारतीय वन सेवा) अफसर गौरव को अपना जीवनसाथी बनाया है। शादी के बाद उन्होंने अपना कैडर तेलंगाना से हरियाणा ट्रांसफर करने का अनुरोध किया था। गृह मंत्रालय ने मैरिज ग्राउंड (विवाह के आधार) पर 14 सितंबर 2026 को उनका इंटर-कैडर ट्रांसफर मंजूर कर लिया। यानी अब मनीषा नेहरा अब हरियाणा कैडर में सेवाएं देंगी।
कौन हैं मनीषा नेहरा
मनीषा नेहरा मूल से रूप से राजस्थान के झुंझुनू जिले की खेतड़ी तहसील में स्थित गांव तारा का बास की रहने वाली हैं। मनीषा की कामयाबी की कहानी देश के उन लाखों युवाओं के लिए बड़ी मिसाल है जो चंद नाकामियां मिलने के बाद हिम्मत हार जाते हैं और चुनौतियों के आगे घुटने टेक देते हैं। लगातार संघर्ष करते रहने से सफलता के दरवाजे कैसे खुद ब खुद खुल जाते हैं, इसकी प्रेरणा वह मनीषा से ले सकते हैं। एक सामान्य से परिवार से ताल्लुक रखने वाली मनीषा ने आईपीएस बनने का सपना पूरा करने के लिए यूपीएससी में छह बार प्रयास किया। मनीषा नेहरा ने यूपीएससी की ज्यादातर तैयारी घर पर रहकर ही की है। आखिरकार यूपीएससी की सिविल सेवा परीक्षा 2023 में ऑल इंडिया 586वीं रैंक हासिल की।
दिल्ली से एक साल की कोचिंग
उन्होंने दिल्ली के एक निजी कोचिंग सेंटर से 1 वर्ष तक कोचिंग फिर 3 वर्ष तक घर पर ही मेहनत और लगन से पढ़ाई कर हिम्मत नहीं हारते हुए यह सफलता पाई।
मनीषा के पति गौरव हरियाणा से हैं और भारतीय वन सेवा के 2024 बैच के अधिकारी हैं। मनीषा के तबादले से हरियाणा और तेलंगाना के बीच 1500 किलोमीटर की दूरी खत्म हो जाएगी। मनीषा नेहरा का गृह राज्य राजस्थान भी हरियाणा से सटा है। उन्हें आने जाने में आसानी होगी।
डिफेंस बैकग्राउंड से मनीषा
8 जनवरी 1997 को जन्मी मनीषा के दादा रामसिंह नेहरा भारतीय सेना में सूबेदार रहे हैं, जबकि पिता कृपाल सिंह नेहरा वायु सेना से सेवानिवृत्त होने के बाद स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में प्रबंधक बने। डिफेंस बैकग्राउंड होने के चलते उनकी जीवनशैली अनुशासित रही। धैर्य के साथ हर मुश्किल का डटकर सामना करना उन्होंने अपने परिवार से सीखा।यूपीएससी (UPSC) द्वारा चुने जाने वाले अखिल भारतीय सेवा (AIS) के अधिकारियों—जैसे आईएएस (IAS) और आईपीएस (IPS)—के लिए मैरिज ग्राउंड ट्रांसफर (विवाह के आधार पर कैडर/स्थानांतरण) वह प्रावधान है, जिसके तहत पति-पत्नी दोनों के एक ही कैडर (राज्य) में रहने की अनुमति दी जाती है। यह नियम कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग (DoPT) के दिशा-निर्देशों के तहत संचालित होता है। यह सुविधा तभी मिलती है जब पति और दोनों पत्नी अखिल भारतीय सेवा (IAS, IPS, या IFoS) के अधिकारी हों। पहले यह कोशिश की जाती है कि किसी एक अधिकारी का कैडर अपने जीवनसाथी के कैडर को स्वीकार कर ले। यदि दोनों राज्यों की सहमति नहीं बनती है, तो केंद्र सरकार आपसी सहमति से किसी तीसरे कैडर में ट्रांसफर पर विचार कर सकती है।





