सुप्रीम कोर्ट की ओर से गठित उच्च स्तरीय जांच समिति के अध्यक्ष रिटायर्ड जस्टिस संगीत लोढा ने रविवार को ट्रीटमेंट प्लांट और बांडी नदी क्षेत्र का निरीक्षण कर प्रदूषण की स्थिति का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान कई जगहों पर प्रदूषित पानी मिलने पर उन्होंने नाराजगी जताई और संबंधित अधिकारियों को तुरंत सुधार के निर्देश दिए।
ट्रीटमेंट प्लांट के पीछे मिला प्रदूषित पानी
निरीक्षण के दौरान जस्टिस लोढा ट्रीटमेंट प्लांट-4 के पीछे पहुंचे, जहां प्रदूषित पानी भरा हुआ दिखाई दिया। इस पर उन्होंने अधिकारियों से सवाल किया कि यहां गंदा पानी क्यों जमा है। उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि यदि फैक्ट्रियां चलानी हैं तो किसी भी सूरत में नदी में प्रदूषित पानी नहीं दिखना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को तुरंत स्थिति सुधारने के निर्देश दिए।
पुनायता पुलिया के पास मिले एसिड टैंकर खाली होने के निशान
निरीक्षण के दौरान पुनायता पुलिया की तरफ एसिड टैंकर खाली किए जाने के निशान भी मिले। इस पर जस्टिस लोढा ने जिला कलेक्टर एल.एन. मंत्री को दिन और रात दोनों समय निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए, ताकि यह पता लगाया जा सके कि टैंकर कहां और कब खाली किए जा रहे हैं।
पुलिया के दूसरी ओर एक गड्ढे में भी प्रदूषित पानी भरा हुआ मिला। इस पर उन्होंने अधिकारियों को तुरंत उसे खाली करवाने के निर्देश दिए।
ट्रीटमेंट प्लांट और मीटर की जांच की
निरीक्षण के दौरान जस्टिस लोढा ट्रीटमेंट प्लांट-6 होते हुए पीटीपी प्लांट-3 पहुंचे। यहां उन्होंने इनलेट और आउटलेट मीटर की जांच की तथा प्लांट की कार्यप्रणाली के बारे में जानकारी ली।
इसके अलावा प्लांट के पास बने स्टोरेज क्षेत्र में जमा स्लज का भी निरीक्षण किया। वहां बड़ी मात्रा में स्लज जमा देखकर उन्होंने सवाल किया कि इतनी मात्रा में स्लज क्यों स्टोर कर रखा गया है और इसके निस्तारण की क्या व्यवस्था है।
पहले भी कर चुके हैं निरीक्षण
गौरतलब है कि इससे पहले जस्टिस संगीत लोढा 27 और 28 दिसंबर 2025 को भी क्षेत्र का निरीक्षण कर चुके हैं। उस दौरान भी उन्होंने बांडी नदी में प्रदूषण को लेकर अधिकारियों को आवश्यक सुधार के निर्देश दिए थे।
रविवार को हुए निरीक्षण के दौरान प्रशासनिक अधिकारी और संबंधित विभागों के कर्मचारी भी मौजूद रहे। जस्टिस लोढा ने साफ कहा कि नदी को प्रदूषण मुक्त रखने के लिए सख्त निगरानी और प्रभावी कार्रवाई जरूरी है।





