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5 मिनट में बन जाएंगे गुड़ और तिल के लड्डू, कड़क नहीं मक्खन जैसे रहेंगे मुलायम’ भरत की रसोई से मिला आसान तरीका

सर्दियों के मौसम में अक्सर लोग गुड़ और तिल के लड्डू खाना पसंद करते हैं। लेकिन इन्हें बनाने में कुछ लोगों से गड़बड़ हो जाती है। ठीक से चाशनी ना बनने से कड़क भी हो जाते हैं। हालांकि अब आपको चिंता करने की जरूरत नहीं है। भरत की रसोई से 5 मिनट वाला तरीका मिला है, इसमें चाशनी की कोई झंझट नहीं है।कड़ाके की ठंड में गुड़ और तिल का कॉम्बिनेशन किसी औषधि से कम नहीं माना जाता है। तिल में मौजूद हेल्दी फैट्स और गुड़ की प्राकृतिक मिठास न केवल हड्डियों को मजबूती देती है, बल्कि पाचन तंत्र को दुरुस्त रखने और शरीर को भीतर से गर्म रखने में भी बेहद मददगार है। स्वास्थ्य के इतने फायदों के बावजूद, कई लोग बाजार के लड्डू खरीदते हैं।क्योंकि घर पर चाशनी का सही तार बैठना और लड्डुओं को मुलायम रखना एक बड़ी चुनौती होती है। लेकिन अब आपको स्वाद या सेहत से समझौता करने की जरूरत नहीं है। ‘भरत की रसोई’ से एक खास तरीका मिला है, जिसमें बिना किसी झंझट के घर पर ही औषधीय गुणों से भरपूर और मुंह में घुलने वाले लड्डू तैयार कर सकते हैं।लड्डू बनाने की शुरुआत तिल को भूनने से होती है। इसके लिए एक मोटे तले की कड़ाही लें और उसमें एक कप सफेद तिल डालें। ध्यान रहे कि तिल को धीमी आंच पर भूनना है, इस दौरान घी या तेल का इस्तेमाल बिल्कुल ना करें। आपको तिल को बस तब तक भूनना है जब तक कि दाने हल्के फूल न जाएं, ज्यादा भूनने से लड्डू का स्वाद कड़वा हो सकता है।तिल भूनने के बाद उसे एक अलग बर्तन में निकाल कर ठंडा होने दें। इस बीच, खुशबू के लिए कुछ इलायची के दानों को कूटकर पाउडर बना लें। गुड़ को सीधे इस्तेमाल करने के बजाय उसे छोटे-छोटे टुकड़ों में तोड़ लें। ऐसा करने से मिक्सी में पीसते समय गुड़ आसानी से मिल जाता है और मशीन पर ज्यादा दबाव नहीं पड़ता।आपको तिल को केवल 5 सेकंड के लिए हल्का ग्राइंड करना है। तिल को पूरा पाउडर नहीं बनाना है, बस थोड़ा सा दरदरा करना है ताकि उनका तेल रिलीज हो सके और लड्डू बांधने में आसानी दरदरे पिसे हुए तिल में अब 3/4 कप गुड़ के टुकड़े, कुटी हुई इलायची और आधा चम्मच देसी घी मिलाएं। अब मिक्सर को रुक-रुक कर धीरे-धीरे चलाएं। इस प्रोसेस से गुड़ और तिल आपस में इस तरह मिल जाएंगे कि एक चिकने मिश्रण का रूप ले लेगा। घी की थोड़ी सी मात्रा इसे और भी मुलायम बना देती है।तैयार मिश्रण को एक बड़े बर्तन में निकाल लें। अब आपको लड्डू बनाने के लिए हाथों में अलग से घी लगाने की भी जरूरत नहीं पड़ेगी, क्योंकि तिल का अपना प्राकृतिक तेल और मिश्रण में डला घी पर्याप्त चिकनाई देगा। सभी लड्डू एक ही साइज के बनें, इसके लिए किसी छोटे चम्मच या बर्तन का नाप ले सकते हैं।

तिल और गुड़ के इन लड्डू न केवल बनाने में आसान हैं, बल्कि टिकाऊ भी हैं। इन्हें आप किसी भी एयरटाइट कंटेनर में भरकर रख सकते हैं। भरत की रसोई के अनुसार, ये लड्डू 2 से 3 हफ्ते तक आराम से ताजे और मुलायम बने रहते हैं। ठंड के दिनों में आपकी एनर्जी का काम करते हैं।

डिस्क्लेमर: इस लेख में किए गए दावे यूट्यूब वीडियो और इंटरनेट पर मिली जानकारी पर आधारित हैं।  जगन्नाथ डॉट कॉम इसकी सत्यता और सटीकता जिम्मेदारी नहीं लेता है।

Manoj Mishra

Editor in Chief

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