कहते हैं कि इरादा पक्का हो और जीवनसाथी आपके साथ कदम से कदम मिलाकर चले तो मंजिल पाना तय हो जाता है. मध्य प्रदेश की दिव्या झरिया की कहानी कुछ ऐसी ही है. उन्होंने और उनके बॉयफ्रेंड (अब पति) आदित्य तिवारी ने न सिर्फ एक-दूसरे का हाथ थामा, बल्कि सिविल सर्विस की मुश्किल तैयारी में भी एक-दूसरे की ढाल बनकर खड़े रहे. दिव्या ने अपने साथी के अटूट सहयोग से 2 बार MPPSC (मध्य प्रदेश सिविल सेवा परीक्षा) क्रैक करके दिखाया.
मूल रूप से मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले की रहने वाली दिव्या झरिया स्कूल टाइम से ही पढ़ाई-लिखाई में काफी होशियार थीं. 12वीं के बाद मैकेनिकल इंजीनियरिंग की डिग्री लेकर उन्हें एक अच्छी कंपनी में नौकरी मिल गई. लेकिन उनका दिल कहीं और था. फिर उन्होंने कॉर्पोरेट जॉब छोड़कर सरकारी नौकरी की तैयारी का कठिन रास्ता चुना. इंजीनियरिंग के बाद उनका यह सफर आसान नहीं था. पहले प्रयास में मिली असफलता और रिजल्ट पर लगी रोक के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और डटी रहीं.
इंजीनियरिंग से सिविल सेवा तक का सफर
मैकेनिकल इंजीनियरिंग की डिग्री लेने के बाद जब दिव्या झरिया ने सरकारी सेवा में जाने का फैसला किया तो यह उनके लिए एक बड़ा बदलाव था. तैयारी को सही दिशा देने के लिए वह इंदौर आ गईं, जिसे सिविल सेवा की तैयारी का केंद्र माना जाता है. उन्होंने सबसे पहले मध्य प्रदेश सिविल सेवा परीक्षा का सिलेबस समझा और उसे पूरा करने पर फोकस्ड रहीं. उनका शुरुआती संघर्ष हर उम्मीदवार को प्रेरणा देता है क्योंकि उन्होंने शून्य से शुरुआत की और हर असफलता को सीखने का मौका माना.
असफलताओं से बनीं मजबूत
साल 2018 में दिव्या ने पहली बार MPPSC की परीक्षा दी. इसमें वह प्रीलिम्स में सफल भी हो गईं लेकिन फैमिली इश्यूज के चलते वह मेंस परीक्षा में शामिल नहीं हो पाईं. यह उनकी पहली ठोकर थी. 2019 में उन्होंने फिर से शानदार तैयारी की. इस बार उन्होंने प्रीलिम्स और मेंस, दोनों में कमाल का प्रदर्शन किया. दुर्भाग्य से सरकारी परीक्षा परिणाम पर रोक लग गई, जिससे उनकी मेहनत का फल तुरंत नहीं मिल सका. लेकिन इस देरी ने उनकी उम्मीद नहीं तोड़ी, बल्कि उन्हें खुद को और मजबूत बनाने का मौका दिया.
साथी का साथ, DSP बनने तक की उड़ान
दिव्या की कहानी का सबसे खूबसूरत हिस्सा, उनके साथी आदित्य तिवारी (जो खुद भी DSP हैं) का साथ है. तैयारी के दौरान आदित्य ने एक मेंटॉर की भूमिका निभाई. उन्होंने दिव्या के लिए टाइमटेबल बनाने में मदद की और हर मुश्किल मोड़ पर उन्हें मोटिवेट किया. इन दोनों की दोस्ती स्कूल के दिनों से जारी थी. इसी मजबूत नींव के चलते 2020 में दिव्या की मेहनत रंग लाई और उनका चयन कमर्शियल टैक्स इंस्पेक्टर के पद पर हुआ. फिर जब MPPSC 2019 का रुका हुआ रिजल्ट आया तो दिव्या का नाम DSP लिस्ट में था.
दिव्या ने सरकारी नौकरी की तैयारी कैसे की?
दिव्या झरिया के अनुसार, परीक्षा में सफलता पाने के लिए सही स्ट्रैटेजी बनाना बहुत जरूरी है. इसके लिए इन 3 बातों का ख्याल खास तौर पर रखना चाहिए-





