छत्तीसगढ़

नवरात्रि पर बाल भिक्षावृत्ति रोकने के लिए अभियान

किसी भी बच्चे को भीख मांगते देखे तो तुरंत चाइल्ड हेल्प लाइन 1098 पर सूचना दें

नवरात्रि पर बाल भिक्षावृत्ति रोकने के लिए अभियान

भिक्षावृत्ति में लिप्त बच्चों को दिलाई जाएगी सुरक्षा

मिशन वात्सल्य, चाइल्ड हेल्प लाइन, विशेष किशोर पुलिस इकाई की संयुक्त टीम मंदिर देवालय, दुर्गा पंडालों में किया निरीक्षण

कवर्धा सितंबर 2025। नवरात्रि के दौरान देवी मंदिरों में बढ़ती भीड़ के बीच कई बच्चे भिक्षावृत्ति में लिप्त पाए जाते हैं इसे रोकने के लिए कलेक्टर श्री गोपाल वर्मा के निर्देशानुसार महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा विशेष अभियान चलाया जा रहा है। आम जनता से अपील की गई है कि वह किसी भी बच्चे को भीख मांगते दिखे तो तुरंत चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर सूचना दें।
जिला कार्यक्रम अधिकारी आनंद तिवारी के मार्गदर्शन एवं जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी चंचल यादव के नेतृत्व में मिशन वात्सल्य चाइल्ड हेल्प लाइन और विशेष किशोर पुलिस इकाई की संयुक्त टीम द्वारा नवरात्रि के पावन में शहर के मंदिर, देवालय दुर्गा पंडालों व परिसरों का भ्रमण किया जा रहा है। इस दौरान टीम ने भिक्षावृत्ति में लिप्त बच्चों की पहचान कर उसके पुनर्वास के लिए योजना बनाई जा रही है।
माता-पिता और अभिभावकों को समझाइश दिया गया कि वह बच्चों को शिक्षा की ओर प्रेरित करें और भिक्षा मांगने के लिए मजबूर ना करें ,श्रद्धालुओं को भी जागरूक किया गया कि वह बच्चों को भिक्षा देने की बजाय उसकी पढ़ाई और पुनर्वास में सहयोग करें। संयुक्त टीम द्वारा स्थानीय पुलिस और समाज, सभी संगठनों के साथ मिलकर मंदिर परिसरों के अलावा बस स्टैंड सहित अन्य सार्वजनिक स्थलों पर भी भ्रमण किया जा रहा है। आम जनता से अपील की गई कि अगर वह किसी बच्चे को भिक्षावृत्ति करते देखे तो तुरंत चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर सूचना दें।
किशोर न्याय( बालको की देखरेख संरक्षण) अधिनियम 2015 की धारा 76 के अनुसार, जो कोई व्यक्ति किसी बच्चे का वास्तविक प्रभार अथवा नियंत्रण रखता है और उसे भीख मंगवाने के लिए नियोजित करता है, वह पाँच वर्ष तक के कारावास और एक लाख रुपये तक के जुर्माने से दंडनीय है। वहीं, धारा 77 के तहत, किसी भी योग्य चिकित्सक के आदेश के बिना किसी बच्चे को नशीली शराब या नशीली दवा या मनोदैहिक पदार्थ देने वाले को सात वर्ष तक के कठोर कारावास और एक लाख रुपये तक के जुर्माने से दंडित किया जाएगा। हमारा उद्देश्य यह है कि बच्चों की शिक्षा और पुनर्वास सेवाओं से जोड़ना प्राथमिकता है और यह अभियान पूरे नवरात्रि के बाद आगे भी जारी रहेगा ताकि किसी भी बच्चों का बचपन नष्ट न हो ।
इस नवरात्रि महापर्व अभियान में जिला महिला एवं बाल विकास विभाग के द्वारा दो टीम गठित किया गया है जिसमें पहले पाली में सुबह 7:00 से 10:00 में श्री महेश कुमार निर्मलकर परियोजना समन्वयक, श्री विनय कुमार जँघेल, चंद्रशेखर जँघेल सुपरवाइजर, मंदाकिनी वर्मा केस वर्कर, भारती धुर्वे केस वर्कर तथा द्वितीय पाली शाम 4: 00 से 8:00 रात में श्री अविनाश ठाकुर परामर्शदाता, श्री रामलाल पटेल सुपरवाइजर, श्याम धुर्वे सुपरवाइजर, प्रिंसी गुप्ता आउटरिच वर्कर, खेमलाल खटर्जी टीम में शामिल है और विशेष पुलिस इकाई के कर्मचारी उपस्थित रहे।

Manoj Mishra

Editor in Chief

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