*चिरायु कार्यक्रम ने तान्या के जीवन में लौटाई नई स्फूर्ति*
*समय पर बीमारी की पहचान और निःशुल्क उपचार से स्वस्थ हुई तान्या*
कवर्धा, अक्टूबर 2026। सेवा संकल्प अभियान के तहत जनकल्याणकारी योजनाओं और स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ जरूरतमंदों तक पहुंचाने के प्रयासों की एक प्रेरणादायी कहानी ग्राम धमकी की तान्या साहू की है। चिरायु कार्यक्रम के माध्यम से समय पर बीमारी की पहचान होने और निःशुल्क उपचार मिलने से तान्या आज स्वस्थ जीवन की ओर लौट चुकी है।
ग्राम धमकी निवासी तान्या साहू को कुछ समय से कमजोरी, सुस्ती और थकान की शिकायत रहती थी। सामान्य गतिविधियों के दौरान भी उसे परेशानी महसूस होती थी। चिरायु टीम द्वारा स्वास्थ्य परीक्षण एवं आवश्यक जांच के दौरान तान्या के हृदय में छेद होने की जानकारी सामने आई। समय पर बीमारी की पहचान होने के बाद चिरायु टीम द्वारा तान्या को आवश्यक चिकित्सा सुविधा के लिए मार्गदर्शन एवं रेफरल प्रदान किया गया।
निःशुल्क उपचार से लौटी स्फूर्ति
चिरायु कार्यक्रम के माध्यम से तान्या का आवश्यक उपचार कराया गया और उसका निःशुल्क ऑपरेशन हुआ। उपचार के बाद उसके स्वास्थ्य में उल्लेखनीय सुधार आया। आज तान्या पहले की अपेक्षा काफी स्वस्थ है। उसे अब पहले जैसी कमजोरी और थकान महसूस नहीं होती। वह स्फूर्ति के साथ खेलती है और सामान्य रूप से अपनी दैनिक गतिविधियां कर रही है।
तान्या माता ने जताया आभार
तान्या की माता श्रीमती पूर्णिमा साहू ने कहा कि चिरायु टीम द्वारा मेरी बेटी की जांच के दौरान उसके दिल में छेद होने का पता चला। समय पर बीमारी की पहचान होने के बाद उसका निःशुल्क ऑपरेशन कराया गया। अब मेरी बेटी पहले से बहुत स्वस्थ है। वह अच्छे से खेलती है और स्फूर्ति के साथ रहती है। समय पर उपचार दिलाने के लिए मैं चिरायु टीम एवं शासन-प्रशासन का हृदय से धन्यवाद करती हूं।
बच्चों के स्वस्थ भविष्य की दिशा में चिरायु की महत्वपूर्ण भूमिका
चिरायु कार्यक्रम के अंतर्गत बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण कर गंभीर एवं जन्मजात बीमारियों की समय पर पहचान, आवश्यक जांच, उपचार तथा जरूरत पड़ने पर उच्च स्वास्थ्य संस्थानों में रेफरल की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है। तान्या की कहानी इस बात का उदाहरण है कि समय पर स्वास्थ्य जांच, बीमारी की पहचान और उचित उपचार बच्चों को स्वस्थ एवं सामान्य जीवन की ओर लौटाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से शासन की स्वास्थ्य सेवाओं को जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचाने का यह प्रयास जनकल्याण की भावना को मजबूत करता है और स्वस्थ समाज के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।





