*एआई सीखा, अब गांव-गांव सिखाएंगे*
*सेवा संकल्प अभियान में 200 से अधिक लोगों ने लिया प्रशिक्षण, मास्टर ट्रेनर बनकर विद्यार्थियों और ग्रामीणों को करेंगे जागरूक*
कवर्धा, अक्टूबर 2026। एआई अब सिर्फ तकनीक जानने वालों तक सीमित नहीं रहेगा। इसे गांवों और आम लोगों तक पहुंचाने के लिए कबीरधाम में ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत एआई जागरूकता की पहल शुरू की गई है। दुर्गावती चौक के पास स्थित स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय में आयोजित कार्यशाला में 200 से अधिक लोगों ने ‘मैं एआई जागरूक हूं’ विषय पर प्रशिक्षण लिया। अब यही प्रशिक्षणार्थी मास्टर ट्रेनर बनकर जिले के गांवों में जाएंगे और विद्यार्थियों, युवाओं व ग्रामीणों को एआई के सकारात्मक, सुरक्षित और जिम्मेदार उपयोग की जानकारी देंगे।
ग्रामीण यांत्रिकी सेवा एवं शिक्षा विभाग के समन्वय से आयोजित कार्यशाला में विशेषज्ञों ने बताया कि एआई का सही उपयोग शिक्षा, शासकीय कार्य, सामाजिक क्षेत्र और रोजमर्रा के कामों को आसान और तेज बनाने में किया जा सकता है। प्रतिभागियों को एआई की उपयोगिता के साथ इसकी सीमाओं और जिम्मेदार उपयोग के बारे में भी जानकारी दी गई।
डीपफेक से लेकर ऑनलाइन ठगी तक, सावधानी के तरीके बताए
कार्यशाला में एआई के दूसरे पहलू पर भी विशेष जोर दिया गया। प्रतिभागियों को साइबर अपराध, ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी और डीपफेक जैसे मामलों से बचने के तरीके बताए गए। विशेषज्ञों ने समझाया कि सोशल मीडिया पर आने वाली फोटो, वीडियो और सूचनाओं पर तुरंत भरोसा करने के बजाय उनकी सत्यता जांचना जरूरी है। संदिग्ध लिंक, संदेश और ऑनलाइन लेनदेन को लेकर भी सावधानी बरतने की सलाह दी गई।
200 से अधिक प्रशिक्षणार्थी बनेंगे जागरूकता की कड़ी
कार्यशाला में प्रशिक्षण लेने वाले प्रतिभागियों को अब जिले में एआई जागरूकता अभियान को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी दी जाएगी। वे स्कूल-कॉलेजों और ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर लोगों को एआई की उपयोगिता, सुरक्षित इस्तेमाल और संभावित जोखिमों की जानकारी देंगे। इस तरह एक कार्यशाला से तैयार हुए मास्टर ट्रेनर आगे चलकर बड़ी संख्या में लोगों तक जागरूकता का संदेश पहुंचाएंगे।
सकारात्मक उपयोग का लिया सामूहिक संकल्प
कार्यशाला के समापन पर सभी प्रतिभागियों ने एआई का उपयोग सकारात्मक और रचनात्मक कार्यों के लिए करने का सामूहिक संकल्प लिया। उन्होंने एआई के दुरुपयोग, भ्रामक जानकारी और समाज को नुकसान पहुंचाने वाले इस्तेमाल से दूर रहने की बात कही। जिला प्रशासन की इस पहल का उद्देश्य आधुनिक तकनीक को आम लोगों और ग्रामीण अंचलों तक पहुंचाने के साथ नागरिकों को डिजिटल रूप से जागरूक और सुरक्षित बनाना है। इससे जिले में तकनीकी साक्षरता को जमीनी स्तर पर बढ़ावा देने की दिशा में एक नई पहल हुई है।





